सम्मेदशिखर जी। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव से श्री सम्मेद शिखर को झारखण्ड सरकार की अनुसंशा पर वन्यजीव अभयारण्य का एक भाग घोषित कर सर्वोच्च जैन तीर्थ की स्वतंत्र पहचान व पवित्रता नष्ट करने वाली 2 अगस्त 2019 को जारी अधिसूचना को रद्द कराने के लिए निवेदन किया गया लेकिन जैन समाज के प्रतिनिधियों को इस मामले में आश्वासन के अतिरिक्त कुछ भी नहीं मिला है।
विश्व जैन संगठन के सदस्यों का कहना है कि बीते छह को अप्रेल केंद्रीय यादव को इस बारे में निवेदन किया गया था। संगठन का कहना है कि जब तक यह अधिसूचना रद्द नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन के अनुसार आगामी चार दिसंबर को जैन संतों के सानिध्य में श्री सम्मेद शिखर जी बचाओ आंदोलन की शुरुआत होगी।
जिसके तहत नई दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में धर्मसभा व रैली होगी। यह समय इसलिए चुना गया है कि इस दौरान संसद का शीतकालीन सत्र रहता है। संगठन का कहना है कि पर्वतराज पर से पेड़ों का अवैध कटान, पत्थरों का अवैध खनन हो रहा है। इसलिए तीर्थराज को बचाने के लिए अब किसी लिखित कार्रवाई की जरूरत है।












