डॉ. अरविंद रूनवाल ने जैन छात्रावास में समर कैंप के दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में ब्लड ग्रुप की जानकारी होना अति आवश्यक है। इसकी जानकारी बच्चों के स्कूल में एडमिशन के समय या कोई अन्य आवेदन भरते समय अंकित की जाती है। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…
ग्वालियर। हम सभी को अपने ब्लड ग्रुप के सम्बंध में जानकारी अवश्य होना चाहिए। मनुष्यों के शरीर में आठ तरह के ब्लड ग्रुप होते हैं। ए पॉजिटिव, ए निगेटिव, बी पॉजिटिव, बी निगेटिव, ओ पॉजिटिव, ओ निगेटिव, एबी पॉजिटिव, एबी निगेटिव। इसमें जो ब्लड ग्रुप कम पाया जाता है, वह है ओ निगेटिव । वर्तमान में ब्लड ग्रुप की जानकारी होना अति आवश्यक है। इसकी जानकारी बच्चों के स्कूल में एडमिशन के समय या कोई अन्य आवेदन भरते समय अंकित की जाती है। उक्त विचार डॉ. अरविंद रूनवाल ने जैन छात्रावास में समर कैंप के दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।

नहीं होने पड़ता जरूरत पर परेशान
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष संजय कटठल ने बताया कि ब्लड ग्रुप की जानकारी हो तो जरूरत पड़ने पर परेशान नहीं होना पड़ता। बच्चों ने डॉ. रूनवाल सहित उपस्थित डॉक्टरों से अपनी शंकाओं का समाधान भी किया। जैन सेन्ट्रल हाई स्कूल के पदाधिकारी मुकेश जैन, रमेश चंद्र जैन, अशोक जैन एवं समस्त स्कूल के संचालक गण उपस्थित थे और बच्चों ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। वीर शिक्षा समिति के महामंत्री डॉ. मुकेश जैन ने बताया कि एसोसिएशन ऑफ ग्वालियर यूथ सोसायटी द्वारा आज विश्व रेडक्रास दिवस के अवसर पर स्थानीय जैन सेन्ट्रल हाई स्कूल माधव डिस्पेंसरी के सामने बच्चों के लिए रक्त पर एक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें डॉक्टर शिखा कटठल ने बताया कि इस समय जैन सेन्ट्रल हाई स्कूल में समर कैम्प चल रहा है। इसमें बच्चों को जो भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, उसके साथ-साथ अन्य जानकारियों से भी बच्चों को समय-समय पर अवगत करवाया जाता रहेगा। कार्यशाला के दौरान बच्चों को रक्त के बारे में विस्तार से बताया गया। कौन कौन से रक्त ग्रुप होते हैं ? रक्त गुप की जानकारी होना क्यों आवश्यक है? रक्त का जीवन में क्या महत्व है? इन सब जानकारी से बच्चों, स्कूल के स्टाफ और बच्चों के परिजनों को अवगत कराया गया।













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