बारां जिले में एक हाईटेक अस्पताल बना है । आप पूछेंगे कि इसमें कौनसी नई बात है, सभी जगह तो खुल रहे हैं । लेकिन ज़रा रूकिए, ये हाईटेक अस्पताल इंसानों के लिए नहीं बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए हैं । सिटी स्कैन,एमआरआई से लेकर बुनियादी ईलाज तक, पशु और पक्षियों के लिए सब कुछ हैं यहां । पार्श्वनाथ चेरिट्रेबल ट्रस्ट की ओर से बने इस अस्पताल के बारे में ज्यादा जानिए इस रिपोर्ट में..
बारां जिला मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर स्थित बड़ा गांव में करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से बेजुबान पशु पक्षियों के इलाज के लिए प्रदेश का सबसे बड़ा और सबसे मॉडर्न अस्पताल बना है । राजस्थान सरकार में मंत्री प्रमोद जैन भाया और जिला प्रमुख उर्मिला जैन के परिवार के पार्श्वनाथ चेरिटेबल ट्रस्ट के जरिए बने इस अस्पताल में,करीब 500 से अधिक पक्षियों के इलाज लिए वार्डों में पिंजरे लगाए गए हैं । साथ ही 300 से अधिक पशुओं के इलाज के लिए इंडोर वार्ड भी बनाया गया है । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस अस्पताल का उद्घाटन किया ।

जानिए क्या-क्या सुविधाएं हैं इस अस्पताल में
गंभीर घायल व बीमार पशु-पक्षियों के ऑपरेशन के लिए तीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, डायग्नोस्टिक लैब, सोनोग्राफी सहित डायलिसिस की सुविधा भी रहेगी। संभवतया यह प्रदेश का पहला ऐसा हॉस्पिटल होगा जिसमें पालतू, लावारिस पशु-पक्षियों का निशुल्क इलाज किया जाएगा। घायल और बीमार पशु-पक्षियों के निशुल्क उपचार के लिए हाईटेक अस्पताल खान एवं गौपालन मंत्री और पार्श्वनाथ चेरिट्रेबल ट्रस्ट की अध्यक्षा और जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया की प्रेरणा व मार्गदर्शन से करवाया गया है। उन्होंने बताया कि डेढ़ साल पहले हॉस्पिटल का निर्माण शुरू हुआ था ।

मूक पशु-पक्षियों के लिए सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम भी उपलब्ध
प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. भटनागर ने बताया कि यहां 10 डॉक्टर, 40 कंपाउंडर और 50 केयरटेकर की टीम होगी । साथ ही 10 एंबुलेंस रहेंगी, जो कोटा, बारां, बूंदी व झालावाड़ से बीमार व घायल पशु पक्षियों को लाएगी । हॉस्पिटल के वार्डों में सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम की भी सुविधा है ।













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