अमृत महोत्सव के समापन पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद की मुरैना इकाई की ओर से बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…
मुरैना। अमृत महोत्सव के समापन पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद की मुरैना इकाई की ओर से बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद मध्य भारत प्रांत की ओर से केंद्रीय इकाई के निर्देशानुसार क्रांतितीर्थ आयोजन के भव्य शुभारंभ के अवसर पर अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल संग्रहालय में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पुरातत्व अधिकारी अशोक शर्मा ने की। वहीं मुख्य अतिथि वरिष्ठ गीतकार भगवती प्रसाद कुलश्रेष्ठ रहे । कार्यक्रम का शुभारंभ अमर शहीद बिस्मिल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया तथा जिला उपाध्यक्ष संजेश शर्मा ने सभी अतिथियों एवं साहित्यकारों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
शहीदों की भूमि से आई माटी का पूजन
इस अवसर पर नरेश श्रीवास्तव ने कहा कि अमृत महोत्सव के समापन पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद् द्वारा आयोजित हो रहे क्रांति तीर्थ आयोजन का मुख्य कार्यक्रम 18 मई को शिवपुरी में होने जा रहा है जिसमें मध्य भारत प्रांत के प्रत्येक नामी -अनामी शहीदों की भूमि से आई मिट्टी का पूजन कर मातृभूमि के लाडले सपूतों को याद किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि क्रांति की आवश्यकता हर दौर में रही है, आज भी है। हमें उन क्रांतिकारियों के विचारों का अनुसरण करना चाहिए।
राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत कविताएं सुनाईं
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसमें सभी कवियों ने राष्ट्रप्रेम से ओत प्रोत कविताओं का वाचन कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की । काव्यपाठ करने वाले कवियों में रविराज चौहान, नमोकर जैन नमन, संजेश शर्मा, मुरारीलाल प्रजापति, संतोष शर्मा नजीर, रवि तोमर रजौधा, दाताराम स्वदेशी, रामानंद अच्छाई, नरेश श्रीवास्तव, भगवती प्रसाद कुलश्रेष्ठ जी प्रमुख थे । कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष अशोक शर्मा ने अपने उद्बोधन में साहित्य परिषद् को क्रांति तीर्थ कार्यक्रम की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और आयोजन के लिए जिला इकाई का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन रवि तोमर रजौधा ने किया।
जिला उपाध्यक्ष रामानंद अच्छाई ने सभी अतिथियों एवम् साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया ।













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