जैन मिलन स्वतंत्र डबरा द्वारा शिक्षण शिविर के प्रथम दिन शास्त्री अर्चित जैन कोटा ने तत्वार्थ सूत्र के बारे में बताया। मंदिर में प्रथम दिन शिक्षण शिविर में बताया कि तत्त्वार्थ सूत्र जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो दिगंबर और श्वेतांबर दोनों संप्रदायों में स्वीकृत है। डबरा से पढ़िए, यह खबर…
डबरा। जैन मिलन स्वतंत्र डबरा द्वारा शिक्षण शिविर के प्रथम दिन शास्त्री अर्चित जैन कोटा ने तत्वार्थ सूत्र के बारे में बताया। मंदिर में प्रथम दिन शिक्षण शिविर में बताया कि तत्त्वार्थ सूत्र जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो दिगंबर और श्वेतांबर दोनों संप्रदायों में स्वीकृत है। यह ग्रंथ जैन धर्म के दर्शन का सार प्रस्तुत करता है और मोक्ष प्राप्त करने के मार्ग का वर्णन करता है।
तत्त्वार्थ सूत्र में मोक्ष प्राप्ति के लिए आवश्यक तत्वों, कर्म, आत्मा, और ब्रह्मांड के बारे में बताया गया है एवं बच्चों को बाल बोध एक पढ़ाया गया। शिविर के बाद बच्चों को फल वितरण किया गया। कार्यक्रम संयोजक रितेश जैन, राजू जैन, प्रेमचंद जैन एसबीआई, मनोज जैन, एकांत, दीपक जैन स्वराज ट्रैक्टर एजेंसी, दिनेशकुमार जैन एडवोकेट, अमित जैन एमपी ऑनलाइन एवं महिलाओं ने धर्म लाभ लिया।













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