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इंदौर के सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन में नया अध्याय जोड़ेगा यह चातुर्मास : केवल देव, शास्त्र, गुरु की आराधना से ही मिलता है पुण्य – मुनि पूज्य सागर

इंदौर । इंदौर में पहली बार ऐतिहासिक चातुर्मास का आयोजन किया गया, जिसमें मानव चिकित्सा और शिक्षा के लिए 10% राशि समर्पित की गई। अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी ने नवग्रह जिनालय ग्रेटरबाबा में चातुर्मास कलश स्थापना समारोह के दौरान यह महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्षायोग के बाहुबली कलश से एकत्रित धनराशि का 10% स्वास्थ्य, चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में निवेश किया जाएगा। यह राशि श्रवणबेलगोला तीर्थ क्षेत्र को समर्पित की गई है।

ध्वजारोहण और मंगल कलश स्थापना समारोह

पूज्य वर्षायोग 2024 के कार्यक्रम के दौरान ध्वजारोहण और मंगल कलश स्थापना का आयोजन आरके जैन-रानेका इंडस्ट्री, भरत ऋतू जैन, जितेंद्र मोनिका जैन और निमिष टीना जैन के साथ किया गया, व पाद-प्रक्षालन कमलेश टीना, संजय सपना पापड़ीवाल, रेखा संजय जैन द्वारा किया गया। गुरुदेव ने इस अवसर पर कहा कि जीवन में पुण्य का महत्व अतुलनीय है और यह केवल देव, शास्त्र और गुरु की पूजा के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार हमारे घर में प्रत्येक सदस्य के लिए अलग-अलग वाहन और कमरे होते हैं, उसी प्रकार प्रत्येक परिवार के सदस्य को अपने पुण्य का संचय स्वयं करना चाहिए।

दान और पुण्य का महत्व

गुरुदेव ने अपनी कमाई का 25% मंदिर में दान करने के महत्व पर जोर दिया और चेतावनी दी कि इस कर्तव्य की उपेक्षा करने से नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं, तथा यह हमें नर्क और तिर्यंच गति की ओर ले जा सकता है। इस अवसर पर सभी उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने गुरुदेव को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

इंदौर में ऐतिहासिक चातुर्मास आयोजन

महासचिव रेखा संजय जैन, गौरव अध्यक्ष नरेंद्र वेद और मुख्य समन्वयक भरत जैन ने बताया कि इंदौर के इतिहास में यह पहला ऐसा चातुर्मास है, जिसमें 5100 परिवार व्यक्तिगत रूप से कलश स्थापित करने में सक्षम थे। साथ ही, श्रवणबेलगोला की यात्रा के लिए भाग्यशाली भक्तो का चयन लकी-ड्रा द्वारा किया गया। इस योजना के संयोजक किशनगढ़ निवासी विजय वीणा जी छाबड़ा द्वारा 10 श्रावकों को यात्रा का लाभ दिया जाएगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. धीरेंद्र जैन, जितेंद्र जैन, मुकेश टोंग्या, विमल अजमेरा, आनंद गोधा, राकेश विनायका, कीर्ति पंड्या, कमलेश कासलीवाल, अक्षय कासलीवाल, हंसमुख गाँधी, राजेश जैन दद्दू, पिंकेश टोंग्या, जैनेश झांझरी, नवीन गोधा, संजय बडजात्या, सुनील गोधा, योगेन्द्र काला, हितेश कासलीवाल, अनिल जैन, नकुल पाटोदी, टीके वेद, सचिन जैन, डीके जैन, कमलेश टीना जैन, संजय पापडीवाल, आनंद कासलीवाल, गजेंद्र जैन, पवन पाटोदी और इंद्रकुमार सेठी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस महत्वपूर्ण आयोजन में इंदौर के लगभग 14 मंदिरों के ट्रस्टियों और पदाधिकारियों ने गुरुदेव के श्रीचरणों में श्रीफल भेंट कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।

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कार्यक्रम के अंत में भरत जैन ने आभार व्यक्त किया और संचालन रेखा जैन ने किया। इस ऐतिहासिक चातुर्मास कलश स्थापना आयोजन ने इंदौर के सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन में एक नया अध्याय जोड़ा है। मानव चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में इस योगदान ने समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि आध्यात्मिक और सामाजिक जिम्मेदारियाँ एक दूसरे से अटूट रूप से जुड़ी हुई हैं। यह चातुर्मास न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा देगा, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा मिलती है।

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