दिगंबर जैनाचार्य वात्सल्य वारिधि आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज के शिष्य युगल मुनि श्री अपूर्व सागर जी महाराज, मुनि श्री अर्पित सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर जी धरियावद प्रांगण और रत्नत्रय भवन में चार दिवसीय जैन दर्शन ज्ञान शिक्षण प्रशिक्षण शिविर दूसरे दिन भी जारी रहा।पढि़ए अशोक कुमार जैतावत की रिपोर्ट ……….
धरियावद। दिगंबर जैनाचार्य वात्सल्य वारिधि आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज के शिष्य युगल मुनि श्री अपूर्व सागर जी महाराज, मुनि श्री अर्पित सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर जी धरियावद प्रांगण और रत्नत्रय भवन में चार दिवसीय जैन दर्शन ज्ञान शिक्षण प्रशिक्षण शिविर दूसरे दिन भी जारी रहा।धार्मिक शिक्षण शिविर को लेकर बालक- बालिकाओं एवं महिलाओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है, शिविर प्रारंभ में 108 शिविरार्थियों ने अपना पंजीयन करवाया था, दूसरे दिन बढ़कर 151 तक पहुंच गई है। प्रातः प्रथम सत्र 8:00 बजे से प्रार्थना, 9:00 बजे तक शिक्षण, दूसरे सत्र दोपहर 2 से 4 बजे प्रशिक्षण और सांयकालीन 7 से 8 बजे तक, तीसरे सत्र में सामूहिक शिक्षण प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
4 कक्षा समूह में विभाजित हैं धार्मिक शिक्षण शिविर
धार्मिक शिक्षण शिविर 4 कक्षा समूह में विभाजित किया गया है जिसमें प्रथम कक्षा समूह में मुनि श्री अपूर्व सागर जी महाराज द्रव्य संग्रह, द्वितीय कक्षा समूह में मुनि श्री अर्पित सागर जी महाराज छहढाला, तृतीय कक्षा समूह में क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी महाराज जैन धर्म प्रवेशिका भाग 2 और चौथी कक्षा समूह में ब्रह्मचारी नमन भैया जैन धर्म प्रवेशिका भाग 1 का शिक्षण प्रशिक्षण करवा रहे हैं।














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