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पड़ेले दंपती लगातार कर रहे हैं धर्म प्रभावना : पंचकल्याणक में मिला भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य


तिलकगंज सागर में अप्रैल माह में आयोजित पंचकल्याणक में सौधर्म इंद्र और शचि रानी बनने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले जवाहरलाल – अनीता पड़ेले परिवार, तिलक गंज, सागर निवासी को आगामी 24 मई से 29 मई 2023 तक जामई, जिला छिंदवाड़ा में होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव में भगवान के माता- पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। पढ़िए मनीष विद्यार्थी की रिपोर्ट…


सागर। आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के सान्निध्य में तिलकगंज सागर में अप्रैल माह में आयोजित पंचकल्याणक में सौधर्म इंद्र और शचि रानी बनने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले जवाहरलाल – अनीता पड़ेले परिवार, तिलक गंज, सागर निवासी को आगामी 24 मई से 29 मई 2023 तक जामई, जिला छिंदवाड़ा में होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव में भगवान के माता- पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यह महोत्सव आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि श्री 108 सुप्रभ सागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 प्रणत सागर जी महाराज के सान्निध्य में होगा। इस उपलक्ष्य में गोद भराई का कार्यक्रम श्री दिगंबर जैन मंदिर, नेहानगर, मकरोनिया सागर, में रखा गया। जिसमें मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ नेहानगर कॉलोनी के सधर्मी भाई -बहनों ने भगवान के माता- पिता की गोद भरी।

जीवन शैली में करना होता है परिवर्तन

जीवन में एक बार पंचकल्याणक महामहोत्सव के माध्यम से भगवान के माता-पिता अवसर प्राप्त होता है, जिसके बाद व्यक्ति को सात्विक जीवन शैली में जीना पड़ता है। माता- पिता बनने पर उन्हें अपनी दैनिक दिनचर्या नियम अनुसार परिवर्तन करना पड़ता है। पंचकल्याणक महोत्सव में माता- पिता बनने पर गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और मोक्ष इन पांचों कल्याणक में माता-पिता की सहभागिता रहती है।

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