आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ने कहा कि क्षमा धारण यदि व्यक्ति अपने जीवन में कर ले तो महानता को प्राप्त तो करता ही है। साथ ही परिणानों में निर्मलता आती है। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर…
ललितपुर। आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ने कहा कि क्षमा धारण यदि व्यक्ति अपने जीवन में कर ले तो महानता को प्राप्त तो करता ही है। साथ ही परिणानों में निर्मलता आती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने द्वारा किए गए गलत कार्यों के प्रति यदि विचार कर उन्हें भविष्य में न करने का संकल्प ले तो उससे वर्तमान जीवन तो सुधरता ही है साथ ही परिणाम पवित्र होते हैं। आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ने क्षमावाणी को जीवन में उतारने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल जैनियों का ही नहीं प्रत्येक नागरिक का है। इस दिन आपस में अपने मन के परिणामों की क्लेषता को दूर कर निर्मलता के भाव आते हैं। धर्मसभा का शुभारंम आचार्य श्री के चित्र के सम्मुख उप्र के राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ द्वारा किया गया। जबकि आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का पुण्यार्जन कार्यकम के पुष्यार्जक परिवार समाज श्रेष्ठी डॉ. राजकुमार जैन, नयन जैन परिवार ने किया। शास्त्र भेंट कर पाठशाला परिवार के वहनों के साथ नीलम जैन, प्रिया सोनाली, निर्मला जैन, अभिलाषा अनीता मोदी ने पुण्यार्जन किया।
इन्होंने भी किए विचार व्यक्त
जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडया ने जैनदर्शन में क्षमावाणी पर्व के महत्व का जिक्र करते हुए बताया कि पर्यूषण पर्व में दस दिनों तक श्रावक आध्यात्मिक तत्वों की आराधना करके अपना और अपने जीवन मूल्यों का स्पर्श करते हैं। इसके माध्यम से एक दूसरे से क्षमा याचना करते हैं। धर्मसभा में राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ, विधायक सदर रामरतन कुशवाहा, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, जिलाध्यक्ष भाजपा हरिश्चन्द्र रावत, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप चौबे, राजकुमार जैन चूना, रमेश सिंह लोधी, मुन्नालाल जैन अभिलाषा, गहेन्द्र जैन मयूर, अनिल जैन अंचल, नरेन्द्र कडकी, हरीश कपूर टीटू, नरेन्द्र जैन कडकी,गंधर्व सिंह लोधी, डॉ दीपक चौबे, अजय बरया, रामेश्वर मालवीय,उदय चन्द सराफ ने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर राज्यमंत्री के साथ ने श्रेष्ठीजनों के साथ आचार्यश्री द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। संचालन जैन पंचायत के महामंत्री आकाश जैन ने किया। कार्यक्रम के दौरान उपजिलाधिकारी मनीष कुमार ने आचार्य श्री को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया।
इनका भी सहयोग सराहनीय रहा
इस मौके पर प्रमुख रूप डॉ. रामगोपाल साहू, महेश श्रीवास्तव, महेन्द्र प्रतापसिंह बुंदेला, गुलाम मुहम्मद गामा, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, कन्हैयालाल नामदेव, डा० मनवीर सिंह तोमर, लक्ष्मी रावत, नरेंद्र पाठक, आलोक मयूर, डॉ. विशाल जैन अभिलाषा आदि मौजूद रहे। आयोजन की व्यवस्थाओं को संयोजित करने में मंदिर प्रबंधक मनोज जैन बबीना अजय जैन मंगचारी का सहयोग रहा। अमिनंदनोदय तीर्थ पर क्षमापर्व का आयोजन हुआ जिसकी संयोजना मंदिर प्रबंधक गोदी पंकज जैन अशोक जैन दैलवारा ने की।













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