मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ जैनोलॉजी और प्राकृत भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश को भगवान महावीर के बताए संदेश को अपनाकर सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की आवश्यकता है। इसी से ही मानव कल्याण होगा। पढ़िए क्या कहा मुख्यमंत्री ने जैन धर्म और समाज के लिए…
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ जैनोलॉजी और प्राकृत भवन का शिलान्यास किया। उन्होंने पंच कल्याणक महोत्सव में आचार्य वर्द्धमान सागर महाराज का आशीर्वाद भी लिया।

भगवान महावीर के सिद्धांत प्रासंगिक
गहलोत ने महोत्सव में कहा कि देश को भगवान महावीर के बताए संदेश को अपनाकर सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की आवश्यकता है। इसी से ही मानव कल्याण होगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी ने भी महावीर जी के सिद्धान्तों को जीवन में उतारा और दुनिया को अहिंसा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं भी सत्य.अहिंसा को अपनाते हुए राजनीति में प्रवेश कर आगे बढ़ा हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन अध्यात्म.दर्शन के उद्भव और विकास का अध्ययन, शोध और ज्ञान की दृष्टि से यह भवन महत्त्वपूर्ण सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि आज देश में जो माहौल बना हुआ हैए उसमें भगवान महावीर और महात्मा गांधी के सर्व धर्म समभाव, सत्य और अहिंसा के सिद्धान्त सबसे अधिक प्रासंगिक हैं। देश-.प्रदेश में शांति, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। युवा पीढ़ी मानवता के कल्याण के लिए काम करे।

ये रहे मौजूद
समारोह में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया, पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री व विधायक श्री गोविंद सिंह डोटासरा, विधायक फूल सिंह मीणा, प्रीति शक्तावत, श्री दिनेश खोड़निया, पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के मुख्य अतिथि वर्द्धमान सागर महाराज तथा जैन महासभा के पदाधिकारी सहित जैन समाज के लोग उपस्थित रहे।













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