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सम्मान समारोह का आयोजन : मानव सेवा ही ईश्वर पूजा है -करनसिंह जैन


पीड़ित अथवा जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना ही मानव धर्म है। सही अर्थों में मानव सेवा ही ईश्वर पूजा है। यह बात वयोवृद्ध वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट करनसिंह जैन ने जैन सद्भावना सहयोग समूह, मुरैना के सदस्यों को संबोधित करते हुये की। इस अवसर पर उनका सम्मान समारोह आयोजित हुआ। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…


मुरैना। मानव सेवा ही सच्चा धर्म है। मानवसेवा से हमें मानसिक शांति तो मिलती ही है, साथ ही हमारा आत्मबल भी मजबूत होता है। हमें मानव सेवा निःस्वार्थ भाव से करनी चाहिए। हम सभी को देश, धर्म एवं समाज के सेवाभावी कार्यों के लिये सदैव तत्पर रहना चाहिए। पीड़ित अथवा जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना ही मानव धर्म है। सही अर्थों में मानव सेवा ही ईश्वर पूजा है। उक्त विचार वयोवृद्ध वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट करनसिंह जैन ने जैन सदभावना सहयोग समूह, मुरैना के सदस्यों को संबोधित करते हुये व्यक्त किये।

पुस्तक को मिला है पुरस्कार

ज्ञातव्य हो कि जैन समाज के श्रावक श्रेष्ठी वरिष्ठ समाजसेवी, नगर के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ, एडवोकेट करनसिंह जैन द्वारा हिंदी में लिखित पुस्तक “आपराधिक प्रकरणों में दोषमुक्ति एवं बचाव” को विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा तृतीय पुरस्कार प्रदान किया है। करनसिंह जैन बाबूजी की इस उपलब्धि पर मुरेना जैन सद्भावना सहयोग समूह द्वारा बाबूजी का सम्मान किया गया। समूह के सभी सदस्यों ने बाबूजी को पुष्पगुच्छ, श्रीफल देकर माल्यार्पण कर सम्मानित किया सम्मान से पूर्व महामंत्र णमोकार एवं श्री भक्तामर स्त्रोत का सामूहिक वाचन किया गया।

ये रहे मौजूद

एडवोकेट करनसिंह जैन बाबूजी को सम्मानित करते समय राजेन्द्र भण्डारी, अनिल जैन व्याख्याता, वीरेंद्र जैन बाबा, सुभाषचन्द सैथरी, एड. महेंद्र जैन, रमाशंकर लाला, मनोज नायक, अनूप भण्डारी, राजेन्द्र जैन दयेरी, ब्रजेश दादा, पंकज मेडिकल, विजय जैन मंत्री, विनोद जैन तार, शैलेन्द्र जैन सर्राफ, राजीव जैन टीटू, पंकज जैन बन्दना साड़ी, अजय जैन अल्लु, अजय जैन गौसपुर, आशीष जैन गंज, मनीष जैन, नितिन बघपुरा, पंकज जैन किराना, मयंक जैन कोलकाता, योगेंद्र जैन विशेष रूप से उपस्थित थे।

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