दिल्ली से गिरनार जी तक 1500 किमी 101 दिवसीय नेमि गिरनार धर्म पदयात्रा के समर्थन में आचार्यश्री पुलक सागर जी ससंघ के सानिध्य में जिला बांसवाड़ा और डूंगरपुर समाज की सभा की। इसमें बड़ी संख्या में बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले के जैन समाज के लोग मौजूद रहे। मुनिश्री ने सभी को यात्रा की सफलता के लिए आशीवर्चन कहे। उन्हें यात्रा के लिए प्रेरणा भी दी। पढ़िए बांसवाड़ा से आकाश जैन की यह खबर…
बांसवाड़ा। अहिंसा के रूप में यात्रा होगी। गिरनार की यात्रा महा मंगलमय हो। सभी को पदयात्रा में शामिल होकर 2 जुलाई को भक्तिभाव से गिरनार वंदना को जाएं। यह आशीवर्चन आचार्यश्री पुलक सागर जी ने धर्मसभा में दिए। राजस्थान की पुण्यधरा नागफणी पार्श्वनाथ में हुए पंचकल्याणक महोत्सव में 13 फरवरी को विश्व जैन संगठन के संयोजन में दिल्ली से गिरनार जी तक 1500 किमी 101 दिवसीय नेमि गिरनार धर्म पदयात्रा के समर्थन में आचार्यश्री पुलक सागर जी ससंघ के सानिध्य में जिला बांसवाड़ा और डूंगरपुर समाज की सभा की गई। समर्थन सभा में विश्व जैन संगठन राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भरत गांधी नौगामा सहित संगठन के राजस्थान की शाखाओं के पदाधिकारियों और सदस्यों ने आचार्यश्री पुलक सागर जी से संघ सहित पदयात्रा में सानिध्य, मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए निवेदन किया।
सभी को इस धर्म पदयात्रा में शामिल होना चाहिए
समर्थन सभा में आचार्य श्री पुलक सागर जी मुनिराज ने धर्म पदयात्रा को मंगल आशीर्वाद देते हुए 22वंे जैन तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान मोक्ष स्थल के दर्शन के लिए समाज को शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गिरनार पर्वत की पांचवीं टोंक पर 22 वें तीर्थंकर नेमिनाथ की निर्वाण स्थली हैं और सभी को इस धर्म पदयात्रा में शामिल होना चाहिए। विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने 1 फरवरी को डूंगरपुर में हमसे आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त किया। संगठन ने गिरनार जी धर्म पदयात्रा के लिए जो बीड़ा उठाया है, उनको हमारी ओर से बहुत-बहुत आशीर्वाद है।













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