जैन धर्म की प्रभावना और सिद्धों की आराधना के उद्देश्य से इंदौर के विजयनगर में, जैन समाज के सर्वमान्य प्रमाणिक संत एवं शंका समाधान प्रवर्तक मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में, अष्टानिका पर्व के दौरान 7 नवंबर से 15 नवंबर तक 108 मंडलीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जाएगा। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर। जैन धर्म की प्रभावना और सिद्धों की आराधना के उद्देश्य से इंदौर के विजयनगर में, जैन समाज के सर्वमान्य प्रमाणिक संत एवं शंका समाधान प्रवर्तक मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में, अष्टानिका पर्व के दौरान 7 नवंबर से 15 नवंबर तक 108 मंडलीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जाएगा। इस विधान की शुरुआत 7 नवंबर को घट यात्रा से होगी और इसका समापन 15 नवंबर को विशाल एवं ऐतिहासिक रथ यात्रा से होगा।
इस अनुष्ठान में 2000 से अधिक श्रद्धालु मुनिश्री के सानिध्य में विधिपूर्वक भक्ति भाव से सिद्ध भगवान की आराधना करेंगे। सिद्ध चक्र मंडल विधान के संबंध में चर्चा हेतु, सकल दिगंबर जैन समाज के नगर में स्थापित जिनालयों के पदाधिकारियों की एक बैठक, मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के सानिध्य एवं धर्म प्रभावना समिति के तत्वाधान में, शनिवार शाम मोहता भवन में संपन्न हुई। इस बैठक में 90 जिनालयों के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने कहा, “बड़े स्वरूप में होने वाले 108 मंडलीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान के धार्मिक अनुष्ठान को लेकर पूरा नगर उत्साहित है।
मेरी भावना है कि नगर की सकल दिगंबर जैन समाज इस विधान में अपनी सहभागिता निभाए, ताकि यह विधान जैन धर्म की उत्कृष्ट प्रभावना का महा महोत्सव बन सके।” धर्म प्रभावना समिति के प्रमुख राहुल जैन स्पोर्ट्स ने बताया कि इस विधान का लाइव प्रसारण भी होगा और इसे दुनिया भर में ऑनलाइन देखा जा सकेगा। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि उपस्थित जिनालय प्रतिनिधियों ने मुनिश्री की भावना अनुसार तन, मन, धन से पूरी मनस्विता के साथ सहभागिता निभाने एवं आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया। बैठक में सर्वश्री कैलाश वेद, धीरेंद्रसिंह कासलीवाल, डॉक्टर जैनेंद्र जैन, कुशल राज पमपम, आरके जैन एक्साइज, अशोक डोशी, विनोद जैन सुखलिया, प्रकाशचंद शास्त्री, अनिल जैन, पदम, पवन मोदी, महावीर जैन इंदर सेठी, एम के जैन एलआइसी, आनंद गोधा, सुगनचंद जैन, आलोक जैन, ब्रह्मचारी सुरेश मलैया, एवं रानी डोसी आदि उपस्थित थे। सभी ने अपने विचार व्यक्त किए। बैठक का संचालन ब्रह्मचारी अभय भैया ने किया और आभार नवीन गोधा ने माना।













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