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दिल्ली से नेपाल काठमांडू तक 1045 किमी की यात्रा कीः मेघा जैन, समाज की पहली साइक्लिस्ट बन गयी हैं


साइकिल चलाना हर किसी को पसंद होता है लेकिन साइकिल चलाने का यही शौक अगर दो देशों के बीच सद्भाव बढा़ने का कार्य करे तो यही शौक आम लोगों के लिए प्रेरणा बन जाता है। मेघा जैन ने इसी साइकिल राइडिंग को जुनून बनाकर दिल्ली से नेपाल काठमांडू तक 1045 किमी की यात्रा की है। पढ़िए स्वाती जैन से हैदराबाद की यह पूरी खबर…


हैदराबाद। लुधियाना की मेघा जैन ने इसी साइकिल राइडिंग को जुनून बनाकर हाल ही में 22 फरवरी को अपने कुछ साथियों के साथ दिल्ली से नेपाल काठमांडू तक 1045 किमी की यात्रा कर एक अनोखी मिसाल पेश की है और यह कीर्तिमान बना कर वह जैन समाज की पहली साइक्लिस्ट बन गयी हैं। इसके माध्यम से मेघा पर्यावरण संरक्षण, कैंसर के प्रति जागरूकता और फिट रहने का संदेश देती हैं। ऐसा एक बार नहीं बल्कि दो दो बार मेघा अपने हौसलों को पंख देकर इस चुनौती को पूरा कर चुकी हैं। मेघा इससे पहले भी 2022 में नेपाल की सरजमीं पर साइकिल से पहुंचकर कदम रख चुकी हैं जब नेपाल सांसदों द्वारा इनका स्वागत और सम्मान किया गया।

यह यात्रा मेघा के लिए मकसद बन चुकी 

खुद को फिट रखने के लिए शुरू हुई यह यात्रा आज मेघा के लिए मकसद बन चुकी है और इसी मकसद को पूरा करने के लिये वह 9 बार लुधियाना सुपर रेंडुनर का खिताब हासिल कर चुकी हैं। उपलब्धियां सिर्फ इतनी भर ही नहीं हैं। मेघा 2020 में इंडिया गेट से मुंबई गेटवे ऑफ इंडिया तक 1450 किमी की दूरी भी साइकिल से तय कर चुकी हैं। वहीं 2023 में ये पहले भी दिल्ली से काठमांडू साइकिल से जा चुकी हैं। इसके अलावा मेघा 2024 में अमृतसर गोल्डन टेंपल से 1130 किमी की दूरी तक अयोध्या की यात्रा कर सामाजिक समरसता का संदेश दे चुकी हैं।

डिप्रेशन से निकालने के लिए हमसफर बनाया

दो बार 42 किमी की मड रेस और लुधियाना रेस पूरा करने के अलावा मेघा साइक्थलॉन में 300 किमी का सफर तय करके कश्मीर जा चुकी हैं। मेघा की यह यात्रा सिर्फ दस साल पहले शुरू हुई जब उन्होंने खुद को डिप्रेशन से निकालने के लिए साइकिल को अपना हमसफर बनाया था। लेकिन आज मेघा बिना चुनौतियों से घबराये अब तक साइक्लिंग में अनेकों उपलब्धियां अर्जित कर चुकी हैं। परिवार के सहयोग से मेघा आगे भी अपने इस सफर को नयी ऊंचाइयां देना चाहती हैं।

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