शाकाहार प्रवर्धक, सराकोद्धारक राष्ट्रसंत आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज का अवतरण दिवस जीव दया शाकाहार दिवस के रूप में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ एक मई को मनाया जाएगा। ज्ञानतीर्थ प्रणेता, छाणी परम्परा के षष्ट पट्टाचार्य समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज का जन्म एक मई, 1957 को मुरैना नगर में हुआ था। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…
मुरैना। शाकाहार प्रवर्धक, सराकोद्धारक राष्ट्रसंत आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज का अवतरण दिवस जीव दया शाकाहार दिवस के रूप में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ एक मई को मनाया जाएगा। ज्ञानतीर्थ प्रणेता, छाणी परम्परा के षष्ट पट्टाचार्य समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज का जन्म एक मई, 1957 को मुरैना नगर में हुआ था। आपने अपने सन्त जीवनकाल में सम्पूर्ण विश्व में भगवान महावीर के संदेशों को प्रचारित कर सभी को अहिंसा का संदेश दिया। आपने शाकाहार का प्रचार-प्रसार कर जनमानस को मांसाहार छोड़ने के लिए प्रेरित किया। आपकी प्रेरणा एवं आशीर्वाद से ही मुरैना में विशाल एवं भव्य श्री ज्ञानतीर्थ जिन मन्दिर का निर्माण होना सम्भव हुआ।
निशुल्क वितरित करेंगे सकोरे
मुरैना जैन समाज की सेवाभावी संस्था श्री यंग दि.जैन फाउंडेशन ने पूज्य गुरुदेव के अवतरण दिवस को जीव दया शाकाहार के रूप में मनाने का निर्णय लिया है । गत दिवस पंकज जैन (मेडिकल वाले) के निज निवास पर जन्मदिवस पर हुई चर्चा के दौरान पूज्य संत श्री ज्ञानसागर जी महाराज के अवतरण दिवस पर शहर में तीन-चार सार्वजनिक स्थानों पर दो माह के लिए शीतल जल की प्याऊ का शुभारम्भ किया जाएगा। इसके साथ ही शहर में अनेकों स्थानों पर मीठे पानी (शर्बत) का वितरण किया जाएगा। जीव दया के तहत इस भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए भी दाना-पानी की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए शहर भर में 500 सकोरे निःशुल्क वितरित किये जाएंगे। जिससे लोग अपने घरों की छत पर पक्षियों के लिए जल भरकर रख सकें। लोगों को शाकाहार के लिए प्रेरित किया जाएगा। गुरुदेव द्वारा लिखित शाकाहार से सम्बंधित साहित्य वितरित किया जाएगा। इस पुनीत कार्य में श्रमण सेवा समूह मुरैना पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। शीतल जल की प्याऊ के लिए शंकर बाजार एवं गोपीनाथ की पुलिया का चयन किया गया है।

ये रहे मौजूद
यंग दिगम्बर जैन फाउंडेशन ने सभी बन्धुओं से एक मई को प्रातः 09 बजे शीतल जल सेवा के शुभारंभ पर सम्मिलित होने की अपील की है। गुरुदेव के अवतरण दिवस को जीवदया शाकाहार दिवस के रूप में मनाने की चर्चा के समय सर्वश्री अनिल जैन व्याख्याता, राजेश जैन, पदमचंद जैन (बर्तन वाले), विनोद जैन (तार वाले), मनोज नायक, वीरेंद्र जैन बाबा, अनूप भण्डारी, सुभाषचंद्र सैथरी, पंकज जैन (वन्दना साड़ी), नितिन जैन बघपुरा, पंकज जैन मेडिकल, शैलेन्द्र जैन शैलू प्रमुख रूप से उपस्थित थे।













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