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राजा नेमीनाथजी को आया वैराग्य का विचार: 20 अप्रैल को ज्ञान कल्याणक महोत्सव जाएगा मनाया


गांधी पार्क में बनी शौरीपुर नगरी में सकल दिगंबर जैन समाज जैन दर्शन के सर्वोत्कृष्ट महोत्सव पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में आत्मा से परमात्मा बनने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है, जिसमे पूरे देश से पधारे सैंकड़ों ब्रह्मचारी भाई – बहन, विद्धतगण सहित हजारों साधर्मी आध्यात्म की गंगा, भक्ति की यमुना एवं सिद्धांतों की सरस्वती ऐसी पावन त्रिवेणी में स्नान कर जिनशासन की मंगल प्रभावना कर रहे हैं। शिवपुरी शहर में आयोजित हो रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के महामंत्री मनोज जैन एवं मीडिया प्रभारी दीपकराज जैन ने बताया कि महोत्सव के चतुर्थ दिवस भक्ति भाव पूर्वक तपकल्याणक महोत्सव मनाया गया। पढि़ए रत्नेश जैन बकस्वाहा की रिपोर्ट ……….


बड़ामलहरा। गांधी पार्क में बनी शौरीपुर नगरी में सकल दिगंबर जैन समाज जैन दर्शन के सर्वोत्कृष्ट महोत्सव पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में आत्मा से परमात्मा बनने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है, जिसमे पूरे देश से पधारे सैंकड़ों ब्रह्मचारी भाई – बहन, विद्धतगण सहित हजारों साधर्मी आध्यात्म की गंगा, भक्ति की यमुना एवं सिद्धांतों की सरस्वती ऐसी पावन त्रिवेणी में स्नान कर जिनशासन की मंगल प्रभावना कर रहे हैं। शिवपुरी शहर में आयोजित हो रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के महामंत्री मनोज जैन एवं मीडिया प्रभारी दीपकराज जैन ने बताया कि महोत्सव के चतुर्थ दिवस भक्ति भाव पूर्वक तपकल्याणक महोत्सव मनाया गया। जिसके अन्तर्गत प्रातः काल की मंगल बेला पर सकल समाज ने श्री जिनेन्द्र पूजन कर आध्यात्मिक सतपुरुष गुरुदेवश्री कानजी स्वामी, बाल ब्रह्मचारी रविंद्रजी आत्मन बड़े पंडितजी साब के वीडियो सीडी प्रवचनों के मध्यम से निज शुद्धता ज्ञायक भगवान की महिमा जानी।

संयम के आगे स्वर्ग का वैभव फीका 

शौरीपुर में महाराजा समुद्रविजय के दरबार में दूत का प्रवेश हुआ और उन्होंने युवराज नेमीकुमार के लिए राजकुमारी राजुल के विवाह का प्रस्ताव रखा। जिसे सुनकर सभी में हर्ष छा गया।शौरीपुर नगरी से जूनागढ़ के लिए नेमीकुंवर की बारात ने प्रस्थान किया, तोरण द्वारा सजाए गए मंगलगान एवं बधाइयां भी दी गई।बारात के रास्ते में नेमीकुंवर को पशुओं का क्रंदन सुनाई दिया जिसे सुनकर उन्हें संसार की असारता का भान हुआ और उन्होंने अपने रथ को वन की और मोड़कर घने जंगल में दिगम्बर जैन दीक्षा धारण की और मुक्ति मार्ग की ओर प्रवेश किया, यह समाचार सुनकर राजकुमारी राजुल ने भी आर्यिका दीक्षा धारण कर मोक्ष मार्ग की ओर चल पडीं।इस अवसर पर तीर्थंकर नेमीनाथ भगवान एवं राजुल के नौ भव का सुंदर चित्रण कुशल मंच संचालक पंडित संजय शास्त्री जेबर कोटा द्वारा प्रस्तुत किया गया जिसे सुनकर सभी की आंखे भर आई और सभी ने बारह भावना का पाठ पढ़ा, नेमीनाथजी के दीक्षा कल्याणक पर देव और मानव की सुंदर चर्चा भी दिखाई गई। जिसमें संयम की महिमा के आगे देवताओं के स्वर्ग का वैभव फीका पड़ गया और प्रथम पालकी मनुष्यों द्वारा उठाई गई। इस अवसर पर सौधर्म इंद्र ने कहा कि हे- मानवों आज संयम के आगे स्वर्ग का वैभव फीका पड़ गया अतः आप हमारे स्वर्ग की सारी संपत्ति ले लो और एक क्षण के लिए अपना मनुष्य जन्म हमें दें दो।मुनिराज नेमीकुमार के साथ हजारों की संख्या में श्रावकगणों ने वन गमन किया। जहां प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी मनोजकुमार जैन जबलपुर द्वारा दीक्षा विधि कराई गई। इस अवसर पर भीषण गर्मी के बाद भी अपार जन सुमदाय ने पंडित राजेंद्रकुमार जैन जबलपुर के श्रीमुख से वैराग्य वर्धक प्रवचनों का रसास्वादन कर मुनिराज नेमीनाथजी के वैराग्य की अनुमोदना की ।रात्रि की बेला पर विशेष कार्यक्रम के अंर्तगत ब्राह्मी सुंदरी विद्या निकेतन दिल्ली से पधारीं बालिकाओं ने जैन रामायण पर सुंदर प्रस्तुति देकर सभी का मन जीत लिया।

आज मनेगा ज्ञान कल्याणक –

महोत्सव के अध्यक्ष राजेश जैन पुष्पांजलि दिल्ली एवं प्रेमचंद बजाज कोटा ने बताया की मंगल महोत्सव के पांचवें दिन शनिवार 20 अप्रैल को ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। जिसका शुभारंभ प्रातः 6 बजे शांति जाप से होगा, पश्चात जिनेन्द्र पूजन, मंगल प्रवचनों के साथ प्रातः 10 बजे से मुनिराज नेमीनाथजी की आहार विधि, दोपहर में तीर्थंकर नेमीनाथ को केवल्य की प्राप्ति पर सौधर्म इंद्र की आज्ञा से कुबेर द्वारा समावशारण रचना एवं दिव्य ध्वनि का प्रसारण होगा। रात्रि के समय 8.30 बजे से अंतर्राष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर एस. पी. भारिल्ल द्वारा मैं तो चूक गया विषय पर सभा में सुंदर वक्तव्य दिया जाएगा जिसमे समस्त शिवपुरी वासियों सहित सकल जैन समाज से सम्मिलित होकर धर्म लाभ लेने की अपील महोत्सव समिति द्वारा की गई है।

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