मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने अपने अवतरण दिवस के अवसर पर कहा कि जब श्रावक मेरा जन्मदिन मनाने आते हैं तो मेरा सिर शर्म से झुक जाता है। मैंने आचार्य श्री विद्यासागर जी से पूछा था कि जब श्रावक अति भक्ति करता है और कहता है तुम जियो हजारों साल, उस वक्त क्या करना चाहिए? तो उन्होंने कहा था धारणा बदलनी चाहिए। पढ़िए सतीश जैन की रिपोर्ट…
इंदौर। मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने अपने अवतरण दिवस के अवसर पर कहा कि जब श्रावक मेरा जन्मदिन मनाने आते हैं तो मेरा सिर शर्म से झुक जाता है। मैंने आचार्य श्री विद्यासागर जी से पूछा था कि जब श्रावक अति भक्ति करता है और कहता है तुम जियो हजारों साल, उस वक्त क्या करना चाहिए? तो उन्होंने कहा था धारणा बदलनी चाहिए। विनम्र सागर जी महाराज ने कहा कि व्यक्ति का जन्म नहीं होता, किसी जीव का मरण नहीं होता , तो जीव अजर अमर है। व्यक्ति का जन्म नहीं होता, प्रकृति का जन्म होता है। पहले प्रकृति कैसी रहती थी और अब कैसी हो गई है। अपने जीवन का नर्क भी सोचो और स्वर्ग भी सोचो। जब श्रावक कहता है-
भावों की निर्मल सरिता में अवगाहन करने आया हूं
मेरा सारा दुख दर्द हरो, यह अर्घ चढ़ाने आया हूं।
तब सोचो मैं उस लायक हूं भी कि नहीं ? यथार्थ से आप लोग परिचित नहीं हो , मैं परिचित हूं। मेरी जिंदगी के कई साल ऐसे ही निकल गए, जब गुरु जी के संपर्क में आया तो मेरा जीवन सुधर गया। गुरुवर ने आमूल – चूल परिवर्तन कर दिया। गुरु की कृपा बहुत मायने रखती है। गुरु की आज्ञा, भगवान की आज्ञा से भी बड़ी थी। यदि गुरु का विजन शिष्य का विजन ना बन सके तो शिष्य का शिष्य होना बेकार है। आपने कहा कि आज गुरु सृष्टि पर नहीं है, मैं आपका आशीर्वाद चाहता हूं। आपका विजन मेरा विजन बने। मैं आपके द्वारा शुरू किए गए हथ- करघा के साथ ही सभी प्रकल्पों को पूरा करने का भरसक प्रयास करूंगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य दिनेश – मंजू, अतिशय -नेहा जैन परिवार को प्राप्त हुआ एवं पाद – प्रक्षालन का सौभाग्य राकेश, दिनेश, अखिलेश सिंघई ‘ चेतक ‘परिवार एवं मुकेश पाटोदी परिवार को प्राप्त हुआ। धर्म सभा में मुनि श्री निस्वार्थ सागर जी महाराज, मनोज बाकलीवाल, डॉक्टर जैनेंद्र जैन, शिरीष अजमेरा आदि ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त की। मंगलाचरण नृत्य आशिका जैन ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मनीष नायक, सतीश डबडेरा, सचिन जैन, भूपेंद्र जैन, सतीश जैन,कमल अग्रवाल, भरतेश बड़कुल, अमित जैन, आलोक बंडा, रितेश जैन, सुधा मलैया, पवन चौधरी, प्रदीप बल्ला , पार्श्वनाथ नाथ ग्रुप, छत्रपति नगर महिला मंडल, कालानी नगर महिला मंडल के साथ ही बहुत संख्या में समाज जन उपस्थित थे। धर्म सभा का सफल संचालन विपुल बांझल एवं ब्रह्मचारिणी सरिता दीदी ने किया।













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