परम् पूजनीय राष्ट्रसंत गणाचार्य 108 श्री विराग सागरजी महामुनिराज की परम विदुषी शिष्या, पूर्वोत्तर जिनधर्म वर्धिनी, जिनशासन सूर्या, संस्कार दर्शिका, गणिनी पद विभूषिता, आर्यिका शिरोमणि गुरुमॉं 105 विन्ध्यश्री माताजी ससंघ का पद-विहार धूबड़ी की ओर अनवरत जारी है। पढ़िए सुनील सेठी की रिपोर्ट…
ग्वालपाड़ा (असम)। परम् पूजनीय राष्ट्रसंत गणाचार्य 108 श्री विराग सागरजी महामुनिराज की परम विदुषी शिष्या, पूर्वोत्तर जिनधर्म वर्धिनी, जिनशासन सूर्या, संस्कार दर्शिका, गणिनी पद विभूषिता, आर्यिका शिरोमणि गुरुमॉं 105 विन्ध्यश्री माताजी ससंघ का पद-विहार धूबड़ी की ओर अनवरत जारी है। आपको बता दें बिलासीपाड़ा के स्थानीय श्वेताम्बर जैन समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने महामाया इन्डस्ट्रीज, चिरकुटा में प्रवासित गुरु मां ससंघ को कुछ दिन बिलासीपाड़ा में रूककर सभी को प्रवचन का लाभ देने और समाज को संघ की सेवा का मौका देने का निवेदन किया।
जैन समाज की एकता का उदाहरण पेश किया –
श्री दिगम्बर जैन पंचायत, गुवाहाटी श्वेताम्बर जैन समाज का आभार व्यक्त करती है जिन्होंने दिगम्बर जैन साध्वियों के प्रति अपनी श्रद्धा को प्रकट करते हुए जैन समाज की एकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस विहार के क्रम में शुक्रवार को गुरुमां ससंघ सुश्रावक श्रेष्ठी सर्वश्री अंजय कुमार श्रीमती शशि कानुगा की मॉडर्न आटा मिल, चिरकुटा से सुबह सवा पांच बजे मंगल विहार कर साढ़े नौ किमी की दूरी तय करता हुआ बिलासीपाड़ा, छगनमल सरावगी एण्ड सन्स के पेट्रोल पंप पर पहुंचेगा। जहां गुरु मां का मंगल प्रवचन, विधिवत आहार चर्या, सामायिक संपन्न होगी। उसके बाद दोपहर दो बजे गुरुमां ससंघ का पुनः विहार होगा जो दस किमी की दूरी तय करता हुआ काली मंदिर बुगरीबाड़ी पहुंचेगा जहां गुरुमां का रात्रि विश्राम होगा। यह जानकारी श्री सूर्य पहाड़ अतिशय क्षेत्र विकास समिति की ओर से दी गई।













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