भोपाल में मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज के सान्निध्य में 7 से 9 नवंबर तक तीन दिवसीय “गुणायतन गौरव कार्यक्रम” आयोजित होगा। विद्यासागर गुरुदेव की प्रेरणा से स्थापित “विद्या प्रमाण गुरुकुलम्” अब जैन बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र बनकर उभर रहा है। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट…
भोपाल। संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव विद्यासागरजी महामुनिराज की प्रेरणा से गुणायतन प्रणेता मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने गत वर्ष इंदौर चातुर्मास में जैन समाज के बालकों और युवाओं के लिए एक आदर्श गुरुकुलम् की स्थापना का संकल्प दिया था। उसी प्रेरणा के परिणामस्वरूप भोपाल के अवधपुरी स्थित श्री विद्यासागर इंस्टीट्यूट में “विद्या प्रमाण गुरुकुलम्” की स्थापना की गई, जहाँ समूचे भारतवर्ष से 180 प्रतिभावान बच्चों का चयन कर उन्हें आवास, शिक्षा और संस्कार की समग्र व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।
मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने इन बालकों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के उद्देश्य से 2025 का चातुर्मास भी यहीं करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बच्चों में यह भावना जगाई कि वे केवल संस्कारित नहीं बल्कि देश के “आइकॉन” बनें जो समाज और राष्ट्र दोनों का गौरव बढ़ाएँ।
प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि 7 नवंबर को गुरुकुलम् के विभिन्न प्रकल्पों का शिलान्यास, 8 नवंबर को गुणायतन का अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन, तथा 9 नवंबर को मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज एवं मुनि श्री संधानसागर महाराज ससंघ की उपस्थिति में पिच्छिका परिवर्तन समारोह संपन्न होगा। इस अवसर पर देश-विदेश से गुणायतन परिवार की प्रमुख विभूतियाँ उपस्थित रहेंगी जो ज्ञान और संसाधनों से गुरुकुलम् को समृद्ध करेंगी।
3 नवंबर को चूना भट्टी, भोपाल में मुनि श्री प्रमाणसागर और मुनि श्री निर्वेग सागर महाराज ससंघ का मंगल मिलन हुआ। इसके अतिरिक्त सोमवार, 4 नवंबर को बाबड़िया कला में साधु वाटिका का शिलान्यास प्रवचन उपरांत किया जाएगा। गुणायतन परिवार ने समस्त जैन समाज से इस स्वर्णिम आयोजन में भाग लेने का आह्वान किया है।













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