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मूलनायक भगवान् के साथ 104 प्रतिमाजी का भव्य समवशरण: खैरवाड़ा श्री नेमिनाथ मंदिर में 18 से समवशरण महामंडल विधान होगा 


भगवान नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मूलनायक भगवान के साथ 104 प्रतिमाओं को विराजित किया गया। 104 प्रतिमाएं विराजित कर समवशरण बनाया गया। 18 सितंबर से यहां 10 दिवसीय समवशरण महामंडल विधान होगा। खैरवाड़ा से पढ़िए, यह खबर…


खैरवाड़ा। भगवान नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मूलनायक भगवान के साथ 104 प्रतिमाओं को विराजित किया गया। 104 प्रतिमाएं विराजित कर समवशरण बनाया गया। 18 सितंबर से यहां 10 दिवसीय समवशरण महामंडल विधान होगा। दशा हुमड़ समाज के अध्यक्ष वीरेंद्र वखारिया, मंत्री पंकज शाह, उपाधयक्ष विपिन वखारिया और चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र पंचोली, मंत्री कुलदीप शाह के नेतृत्व में समाज के पांच नवयुवकों को किशनगढ़ (अजमेर) भगवान् की प्रतिमाजी लेने भेजा गया। किशनगढ़ प्रतिमा जी लेने जाने वालों में नवयुवक मंडल के अध्यक्ष रितेश वखारिया, राकेश भीखालाल शाह, बाबू भाई पारस, अमित शाह और शानू शाह थे। वह शाम 5 बजे खैरवाडा़ में आए।

खैरवाडा़ में भव्य प्रवेश के लिए आचार्य सुनील सागर जी की शिष्या आर्यिकासुप्रज्ञ मती माताजी ससंघ के सानिध्य में दिगंबर जैन समाज के सभी साधर्मी बंधुओं ने उन सभी का फूल मालाओं से डाक बंगले के पास भव्य स्वागत किया। फिर वहां से माताजी ससंघ के सानिध्य में बैंडबाजे के साथ भगवान् जी का जुलूस के रूप में नगर भ्रमण करवाकर नेमिनाथ मंदिर में प्रवेश से पहले भगवान् जी की भव्य आरती की गई। उसके बाद भगवानजी को नेमिनाथ भगवान् की मूल वेदी पर 104 प्रतिमाजी बिराजमान की गई।

मंदिर जी के गर्भगृह में विराजमान कर भव्य समवशरण की आरती की गई। आरती करने का सौभाग्य जुगल वीरेंद्र वखारिया परिवार को प्राप्त हुआ। खैरवाडा़ में भव्य और ऐतिहासिक कलपद्रुम 25 समवशरण महामंडल विधान 18 से 28 सितंबर तक 11 दिवसीय चतुर्थ आचार्य सुनीलसागरजी के आशीर्वाद से उनकी शिष्या आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी ससंघ के सानिध्य में होगा। इस समवशरण में 121 जोड़े बैठेंगे।

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