नगर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित एवं परम पूज्य राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी महाराज के सान्निध्य में, श्री यशकीर्ति भट्टारक दिगंबर जैन गुरुकुल परिसर में भव्य ऋषभ कथा एवं महाअर्चना विधान का आयोजन किया जा रहा है। अखिल भारतीय पुलक मंच के राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री बलवंत जैन ‘बल्लू’ और जिनशरणम् ट्रस्ट के ट्रस्टी सुमेश वानावत ने बताया कि यह आयोजन 3 अक्टूबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक चलेगा। पढ़िए सचिन गंगवात विशेष रिपोर्ट…
ऋषभदेव। नगर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित एवं परम पूज्य राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी महाराज के सान्निध्य में, श्री यशकीर्ति भट्टारक दिगंबर जैन गुरुकुल परिसर में भव्य ऋषभ कथा एवं महाअर्चना विधान का आयोजन किया जा रहा है। अखिल भारतीय पुलक मंच के राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री बलवंत जैन ‘बल्लू’ और जिनशरणम् ट्रस्ट के ट्रस्टी सुमेश वानावत ने बताया कि यह आयोजन 3 अक्टूबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक चलेगा।
शोभायात्रा निकाली
इस आयोजन के अंतर्गत कई पात्र तैयार किए गए हैं। इसी के तहत, आज समाज द्वारा गुरुकुल से बैंड-बाजे के साथ मुख्य पात्र भगवान के माता-पिता एवं इंद्र-इंद्राणी को उनके निवास पर निमंत्रण देने के लिए पहुंचे। भगवान के माता-पिता के रूप में रमेश चंद्र और लीला देवी कोठारी, बाहुबली इंद्र के रूप में बलवंत कुमार और सीमा देवी किकावत, सनत कुमार के रूप में रमेश कुमार और सुषमा पंचोली, युवराज ऋषभ के रूप में दिलीप कुमार और अंजना देवी भानावत, धनपति कुबेर के रूप में सुंदरलाल और लीला देवी भानावत, महेंद्र इंद्र के रूप में ऋषभ कुमार और गुणी देवी भवरा, ईशान इंद्र के रूप में चांदमल और नारंगी देवी पंचोली, सोधर्म इंद्र के रूप में सुंदरलाल और लीला देवी किकावत, और भरतेश्वर महाराज के रूप में सुमेश कुमार और मधु वानावत पात्र बने। शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्ग से होती हुई पुनः गुरुकुल पहुंची, जहां आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज ने सभी इंद्र-इंद्राणी को आशीर्वाद दिया।
गोद भराई हुई
इसी अवसर पर दोपहर 2 बजे भगवान के माता-पिता की गोद भराई का आयोजन भी हुआ। समाज के पूर्व महामंत्री प्रकाश भानावत ने बताया कि भगवान के माता-पिता नाभि राय और मारू देवी के पात्र, रमेश चंद्र और लीला देवी कोठारी, ने सभी निमंत्रणकर्ताओं के घर जाकर गोद भराई करवाई। गुरुकुल ट्रस्ट के ट्रस्टी और धनपति कुबेर के पात्र सुंदरलाल भानावत एवं सनत इंद्र के पात्र रमेश पंचोली ने बताया कि रात 7 बजे गुरुकुल पंडाल में मुख्य पात्रों और सभी इंद्र-इंद्राणियों के मेहंदी लेखन का आयोजन भी किया गया।
निकाली जाएगी घट यात्रा
समाज के उपाध्यक्ष धनपाल भवरा ने बताया कि कल और परसों भगवान के माता की गोद भराई कार्यक्रम आयोजित होंगे। 3 अक्टूबर को केसरियाजी मंदिर से विशाल घट यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सभी इंद्र-इंद्राणी बग्गियों में सवार होकर नगर के मुख्य रास्तों से होती हुई गुरुकुल परिसर पहुंचेंगे। यहां आचार्य पुलक सागर महाराज ऋषभ कथा का वाचन करेंगे एवं भगवान के गर्भ कल्याण का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन के अन्य दिनों में भगवान के जन्म कल्याण, तप कल्याण, ज्ञान कल्याण एवं मोक्ष कल्याण के नाट्य रूपांतरण भी प्रस्तुत किए जाएंगे। बाद के दिनों में प्रतिष्ठाचार्य पंडित सुधीर मार्तंड के निर्देशन में महाअर्चना विधान की शांति धारा, अभिषेक एवं पूजा का आयोजन 181 इंद्र-इंद्राणियों द्वारा किया जाएगा। अंत में हवन द्वारा पूर्णाहुति दी जाएगी।
ये रहे मौजूद
महामंत्री प्रदीप जैन के अनुसार, कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। इस अवसर पर समाज के नगर सेठ राजमल कोठारी, अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार वालावत, महामंत्री प्रदीप गणोडिया, सहमंत्री हेमंत भवरा, महिला मंडल से मंजू भवरा, महालक्ष्मी पंचोली, नवयुवक मंडल के सदस्य, तीर्थ रक्षा कमेटी के अध्यक्ष रमेश मेहता, उपाध्यक्ष पवन गंगावत, सीतल भानावत, निलेश भानावत, लोकेश वानावत, ऋषि भानावत, शीतल मेहता, मुकेश भानावत, रिंकेश सुरवत, योगेश गंगावत, सचिन गणोडिया आदि वरिष्ठजन उपस्थित थे।













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