आचार्य श्री विद्यासागरजी की प्रेरणा एवं आचार्य श्री समयसागरजी महाराज के आशीर्वाद से शीतलधाम विदिशा बर्राे वाले बाबा के मंदिर में विराजमान होने वाली 4 प्रतिमाओं की ऐतिहासिक अगवानी विदिशा नगर में विराजमान मुनि श्री संभवसागरजी महाराज, मुनि श्री निस्सीम सागरजी महाराज, मुनि श्री संस्कार सागरजी महाराज ससंघ सानिध्य में हजारों की संख्या श्रद्धालुओं द्वारा की गई। विदिशा से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर…
विदिशा। आचार्य श्री विद्यासागरजी की प्रेरणा एवं आचार्य श्री समयसागरजी महाराज के आशीर्वाद से शीतलधाम विदिशा बर्राे वाले बाबा के मंदिर में विराजमान होने वाली 4 प्रतिमाओं की ऐतिहासिक अगवानी विदिशा नगर में विराजमान मुनि श्री संभवसागरजी महाराज, मुनि श्री निस्सीम सागरजी महाराज, मुनि श्री संस्कार सागरजी महाराज ससंघ सानिध्य में हजारों की संख्या श्रद्धालुओं द्वारा की गई। जिससे पूरा नगर धर्ममय हो गया। प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि श्री जी की मंगल अगवानी जुलूस में समाज बंधु अनुशासित पंक्तियों में चलते नजर आए। जुलूस के आगे चारों प्रतिमाएं रथ में चल रही थीं। नगर के प्रमुख मार्गों से निकले जुलूस का जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। भक्ति संगीत, जयघोष और मंगल पाठ के बीच वातावरण श्रद्धा, शांति और सौहार्द से ओतप्रोत रहा।
12 से 15 फरवरी तक शीतलधाम विदिशा में वेदिका शिलान्यास
इस अवसर पर मुनिश्री संभवसागरजी महाराज ने कहा कि समवशरण ऐसी जगह है जहां सबके लिए समान अवसर है। इसलिए प्रत्येक परिवार के प्रत्येक सदस्य से एक एक शिला वेदिका में विराजमान होनी चाहिए। ज्ञात हो कि 12 से 15 फरवरी तक शीतलधाम विदिशा में वेदिका शिलान्यास का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यासागर नवयुवक मंडल सहित समस्त युवा वर्ग एवं महिला मंडलों की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही। नगरवासियों ने इस भव्य आयोजन को सामाजिक एकता, धार्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अद्भुत संगम बताया।













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