जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक पर 31 जुलाई को बुंदेलखंड स्थित सिद्धक्षेत्र नैनागिरि में भव्य महामस्तकाभिषेक, निर्वाण लाडू, सिद्धचक्र विधान, संगोष्ठी और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। देशभर से श्रद्धालु और विद्वान भाग लेंगे। पढ़िए रत्नेश जैन राही की विस्तृत खबर…
बकस्वाहा। श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र नैनागिरि में 31 जुलाई 2025 को जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का 2802वां मोक्ष कल्याणक दिवस अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर महामस्तकाभिषेक, निर्वाण लाडू अर्पण, सिद्धचक्र महामंडल विधान, विद्वत संगोष्ठी, लाडू सजाओ प्रतियोगिता, इंद्रसभा, वृक्षारोपण और सम्मान समारोह जैसे विविध धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन संपन्न होंगे।
*गजराज की स्वर्ग स्थली के रूप में प्रसिद्ध है*
बुंदेलखंड की पर्वतमाला में स्थित यह तीर्थ समवशरण स्थली, ऋषियों की मोक्ष स्थली और वज्रघोष गजराज की स्वर्ग स्थली के रूप में प्रसिद्ध है। यहाँ 31 जुलाई को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक हजारों श्रद्धालु महामस्तकाभिषेक और निर्वाण लाडू महोत्सव में भाग लेंगे। इस अवसर पर सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत पहले ही श्रीमती सरला पदम जैन (आरटीओ परिवार, सागर) द्वारा की जा चुकी है और जो 31 जुलाई को विश्वशांति यज्ञ के साथ संपन्न होगा।
*देशभर के विद्वान होंगे शामिल*
इस महोत्सव में देशभर के कई विद्वान भी भाग लेंगे। श्री अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन विद्वत परिषद द्वारा 30 और 31 जुलाई को “नैनागिरि वैशिष्ट्य और भगवान पार्श्वनाथ” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें परिषद के अध्यक्ष डॉ. भागचन्द्र भास्कर (नागपुर), निर्देशक डॉ. सनत कुमार (जयपुर), महामंत्री डॉ. महेंद्र मनुज (इंदौर) और संयोजक पं. उदय चंद्र शास्त्री (सागर) सहित अनेक विद्वानों की सहभागिता होगी।
*निर्वाण लाडू सजाओ प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण*
तीर्थ में निर्मित भव्य प्रवेश द्वार का उद्घाटन भी 30 जुलाई को दोपहर 2 बजे सीता देवी – विमल चंद्र जैन (कटंगी, पटेरा) के सौजन्य से होगा। वहीं 31 जुलाई को आकर्षक निर्वाण लाडू सजाओ प्रतियोगिता भी श्रद्धालुओं के लिए आयोजन का मुख्य आकर्षण होगी। महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष सुरेश जैन (IAS), मंत्री राजेश जैन रागी और प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. पूर्णचंद्र जैन, मंत्री देवेंद्र लुहारी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर अधिकाधिक संख्या में पधारकर पुण्यार्जन करें और जैन धर्म की भक्ति भावना से ओतप्रोत इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाएँ।













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