समाचार

तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव और विश्व शांति महायज्ञ में लेंगे भाग : आचार्य विहर्ष सागर ससंघ का सुदामा नगर में हुआ भव्य मंगल प्रवेश


आचार्य विहर्ष सागर ससंघ का भव्य वेदी प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ के लिए महू नाके से सुदामा नगर मन्दिर जी तक शोभायात्रा के रूप में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य श्री के 3 दिवसीय कार्यक्रम से समाज जन में भारी उत्साह का वातावरण है। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट..


इंदौर। आचार्य विहर्ष सागर ससंघ का भव्य वेदी प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ के लिए महू नाके से सुदामा नगर मन्दिर जी तक शोभायात्रा के रूप में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। बैंड-बाजे, ढोल-तासे झंडे बैनर के साथ पुरुष एवं महिलाएं मौजूद थे। महिलाएं ड्रेस कोड में मंगल कलश लेकर चल रही थीं। आचार्य श्री के 3 दिवसीय कार्यक्रम से समाज जन में भारी उत्साह का वातावरण है। जगह-जगह पाद पक्षालन और आरती कर उनकी भव्य आगवानी की गई। तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ के सभी आयोजन विमल, राजेंद्र एवं सतीश झांझरी अगरबती वाले परिवार द्वारा भव्यतापूर्ण कराए जा रहे हैं।

धर्म सभा में हुए मांगलिक कार्यक्रम

शोभायात्रा सुदामा नगर में सभा में परिवर्तित हुई। मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन, पाद पक्षालन, शास्त्र भेंट, आचार्य श्री की पूजा, श्रीफल भेंट आदि मांगलिक क्रिया से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। दीपप्रज्वलन अतिथि और समाज के प्रमुख हंसमुख गांधी, प्रदीप बड़जात्या, कमल रावका, इंद्र कुमार सेठी, प्रतिपाल टोंग्या, कैलाश लुहाड़िया, विमल झांझरी, पदम् मोदी, राजेन्द्र झांझरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर महेन्द्र निगोत्या, मनोज सिंघई, मनोज अनामिका बाकलीवाल, राहुल जैन विहर्ष ज्वेलर्स, सुभाष सेठिया, आकाश पंड्या एवं कई समाज श्रेष्ठी विशेष रूप से उपस्थित हुए।

इंदौर नगर की विभिन्न कॉलोनी से पधारे समाज जन आचार्य श्री से अपने क्षेत्र के लिए चातुर्मास का निवेदन कर रहे हैं। आचार्य श्री ने अपने प्रवचन में समाज से निवेदन किया कि अपने बच्चों को संस्कारित बनाएं। बच्चे संस्कारित रहेंगे तो समाज तरक्की करेगा, शांति रहेगी, अपराध नहीं होंगे। संघ की रीना दीदी एवं प्रियंका दीदी ने आचार्य श्री की पूजा बहुत ही प्रभावना के साथ करवाई। सभा का संचालन डॉ.अनुपम जैन एवं सुदेश जैन ने किया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
3
+1
0
+1
1
Shreephal Jain News

You cannot copy content of this page