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धर्म, साधना और सेवा का अनुपम संगम देखने का मिला: आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के अवतरण दिवस पर किए सेवा कार्य 


आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज दिगंबर साधु परंपरा की सर्वाेच्च एवं सर्वश्रेष्ठ श्रेणी के महामुनि हैं। उनके तप, त्याग और आध्यात्मिक साधना से समाज को धर्म, संयम और मानवता के मार्ग पर चलने की सतत प्रेरणा मिलती है। देशभर में श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा एवं भक्ति भाव से विविध धार्मिक एवं सेवा आयोजन किए गए। भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर…


भिंड। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज दिगंबर साधु परंपरा की सर्वाेच्च एवं सर्वश्रेष्ठ श्रेणी के महामुनि हैं। उनके तप, त्याग और आध्यात्मिक साधना से समाज को धर्म, संयम और मानवता के मार्ग पर चलने की सतत प्रेरणा मिलती है। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के पावन अवतरण दिवस पर देशभर में श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा एवं भक्ति भाव से विविध धार्मिक एवं सेवा आयोजन किए गए। समाज सेविका रानी जैन ने बताया कि जैन समाज के साथ-साथ अन्य समाजों में भी इस पावन अवसर को लेकर विशेष उत्साह और सहभागिता देखने को मिली।

भिंड में मानवता परिवार, टीम रोटी बैंक के संयुक्त तत्वावधान में गौरी सरोवर स्थित टीम रोटी बैंक पर साधु-संतों, असहाय लोगों एवं श्रद्धालुओं को श्रद्धापूर्वक प्रसादी वितरित की गई। इस सेवा कार्य के माध्यम से गुरुदेव के सिद्धांतों करुणा, त्याग और मानव सेवा को आत्मसात करते हुए समाज में सद्भाव, समर्पण और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। सेवा, संस्कार और समर्पण यही सच्ची साधना है।

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Shreephal Jain News

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