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2025 का चातुर्मास उदयपुर में कराने की मंशा : आचार्यश्री पुलकसागर जी महाराज को चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट


 उदयपुर से 2 बसे और निजी वाहन में लगभग 200 भक्तों ने आज ऋषभदेव के गुरुकुल में विराजमान आचार्य श्रीपुलक सागरजी के दर्शन कर महाराज श्री को चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया। पढ़िए सचिन गंगावत की रिपोर्ट…


ऋषभदेव। जिनशरनम प्रणेता राजकीय अतिथि आचार्य श्री पुलक सागजी महाराज को उदयपुर के सकल दिगंबर जैन समाज व सर्वऋतु विलास ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने श्रीफल भेंट कर उदयपुर में चातुर्मास करने की विनती की। ऋषभदेव /उदयपुर के महावीर प्रसाद भानावत ने बताया कि उदयपुर से 2 बसे और निजी वाहन में लगभग 200 भक्तों ने आज ऋषभदेव के गुरुकुल में विराजमान आचार्य श्रीपुलक सागरजी के दर्शन कर महाराज श्री को चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया।

सर्वऋत विलाश के प्रबंधक ट्रस्टी शांतिलाल जी भोजन एवम पुलक मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद फनदूओत ने बताया कि जैन संत वर्षाकाल के चार माह एक स्थान पर रहकर चातुर्मास करते हैं। चातुर्मास शुरू होने से पहले कलश स्थापना की जाती है। आचार्य श्री पुलकसागरजी महाराज इन दिनों केसरियाजी में ही विराजित हैं। ऐसे में समाजजनों की मंशा है कि वे 2025 का चातुर्मास उदयपुर में करें, इसी भावना से आज सम्पूर्ण सकल दिगंबर जैन समाज ने उन्हें चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया। गुरुदेव ने अपने आशीर्वचन में में समाजजन को आश्वासन दिया।

इसमौके पर श्रीपाल जी धर्मावत,,गेंदालाल जी फांडुओत,शांतिलाल जी मानोत,,बसंत जी कंठालिया,राष्ट्रीय महिला जागृति की अंजना गंगवाल,वंदना लोलावत,उषा भानावत सहित बड़ी संख्या में समाजजन व ट्रस्ट पदाधिकारी मौजूद थे।

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