सोनागिरि सिद्ध क्षेत्र में 2 जुलाई को आचार्य पुण्य सागरजी के कर कमलों से घाटोल की तारादेवी उंकावत जैनेश्वरी दीक्षा लेंगी। इसके लिए सोमवार को घाटोल के श्री वासुपूज्य जिनालय परिसर में बाल ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी के निर्देशन में शांति विधान किया। पढ़िए यह रिपोर्ट…
घाटोल। सोनागिरि सिद्ध क्षेत्र में 2 जुलाई को आचार्य पुण्य सागरजी के कर कमलों से घाटोल की तारादेवी उंकावत जैनेश्वरी दीक्षा लेंगी। इसके लिए सोमवार को घाटोल के श्री वासुपूज्य जिनालय परिसर में बाल ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी के निर्देशन में शांति विधान किया। इसमें दीक्षार्थी तारादेवी के परिजन श्रीपाल उकावत, विशाल, मयंक, छह बेटियों, पोती गुड़िया, पौत्र वधु ज्योति, खुशबू, प्रेमा बहन, अजीत कोठिया, कुसुम कोठिया, लीला काकी, थांदला, पारसोला, बांसवाड़ा, तलवाड़ा, डडूका, परतापुर, खमेरा से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने संगीत की धुन पर अर्घ्य समर्पित कर शांतिनाथ विधान में सहभागिता की। फैडरेशन ऑफ हुमड़ जैन समाज की ओर से महामंत्री अजीत कोठिया ने दीक्षार्थी तारादेवी के सफल साध्वी जीवन के लिए मंगल कामना की। सभी ने नारियल, तंदुल, गोलों, मखानों से दीक्षार्थी की गोद भराई रस्म अदा की।













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