जयपुर के गायत्री नगर स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर पाठ के आठ वर्ष पूर्ण होने पर भव्य भक्तामर विधान का आयोजन हुआ। मुनि श्री पावन सागर जी महाराज और मुनि श्री सुभद्र सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कार्यक्रम में भाग लिया। पढ़िए उदयभान जैन की रिपोर्ट…
जयपुर के महारानी फार्म स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर, गायत्री नगर में 48 दिवसीय भक्तामर पाठ की आठवीं वर्षगांठ पर भव्य भक्तामर विधान का आयोजन रविवार को सम्पन्न हुआ। यह आयोजन 10 अगस्त से 26 सितम्बर तक प्रतिदिन नियमपूर्वक चला। समापन अवसर पर परम पूज्य मुनि श्री पावन सागर जी महाराज एवं मुनि श्री सुभद्र सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में विधानाचार्य पंडित संजय शास्त्री (श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर) के निर्देशन में भक्तिपूर्वक विधान सम्पन्न हुआ।
मुनि श्री पावन सागर जी महाराज ने भक्तामर स्तोत्र की रचना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूज्य मांगतुंगाचार्य जी ने जिनेन्द्र देव की भक्ति में एक-एक श्लोक रचा, जिससे हर बंधन खुल गया और धर्म की विजय हुई। उन्होंने कहा कि भक्तामर केवल श्लोक नहीं, आत्मबल और श्रद्धा का प्रतीक है।
कार्यक्रम संयोजक अनीता बड़जात्या ने बताया कि पुण्यार्जक परिवारों — लता सोगानी, सारस मल झांझरी, अशोक पापडीवाल, शोभा सेठी, सुधा लुहाड़िया और रेणू बाकलीवाल — ने कलश स्थापना और दीप प्रज्ज्वलन किया। संयोजिका विमला जैन, डॉ. अनीता वैद और ज्योति जैन ने बताया कि इस आयोजन में मंदिर प्रबंध समिति व सम्पूर्ण जैन समाज का सहयोग रहा।
यह रहे कार्यक्रम में उपस्थित
कार्यक्रम में पुलक मंच की राष्ट्रीय महामंत्री बीना टोंग्या, जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन, समाजश्रेष्ठी बसंत बाकलीवाल, कमल जैन (मालपुरा), संतोष सेठी, अशोक रावका, दिगम्बर जैन महासमिति सम्भाग जयपुर की अध्यक्षा मंजू सेवा वाली, संगीत सम्राज्ञी सुनंदा जैन अजमेरा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिला मंडल, बालक-बालिकाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भक्ति भाव से भाग लेकर पुण्य संचय किया। अंत में संयोजकों ने सभी सहयोगियों और मंदिर प्रबंध समिति का आभार व्यक्त किया। 48 दिवसीय भक्तामर पाठ का प्रतिदिन संचालन अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन बडजात्या द्वारा किया गया।













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