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सम्मेद शिखर -जैन समाज के शिखर पुरुषों से शिखर संवाद : पर्यटन,फैक्ट्रियां खोलेंगे तो स्थान की गरिमा खत्म हो जाएगी

श्रीफल न्यूज की देशव्यापी मुहिम

श्रीफल जैन न्यूज़ संवाददाता – नमस्कार, सम्मेद शिखर का मुद्दा चल रहा है । कई अलग तरह के विचार हैं । आप क्या कहना चाहेंगे इस बारे में ?

संतोष जैन (महामंत्री, भारत वर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी,नागपुर) – हमारी मांग है सम्मेद शिखर ऐसा स्थान हैं जहां हमारे एक तीर्थंकर नहीं 20 तीर्थंकरों का महाप्रयाण हुआ है । ये हजारों साल से हमारी आस्था का प्रतीक है । पता नहीं कैसे झारखंड सरकार और केन्द्र सरकार ये चूक कर रही है । उन्हें हमारी राय लेनी चाहिए थी ।

श्रीफल जैन न्यूज़ संवाददाता – सिर्फ आप से बात नहीं की ये मुद्दा है या फिर वाकई नीतिगत विरोध है आपका ?

संतोष जैन (महामंत्री, भारत वर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी,नागपुर) – हमसे बात करके ही करना चाहिए । हमसे यानि सकल जैन समाज से बात होनी चाहिए । भई, ये योजना हम तैयार कर रहे हैं, इसमें ये प्रावधान कर रहे हैं । आपका धर्म क्षेत्र भी यहां है, आपके क्या सुझाव हैं । सीधे गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया तो अब बात आंदोलन तक आ पहुंची है ।

श्रीफल जैन न्यूज़ संवाददाता अब क्या चाहते हैं ?
संतोष जैन (महामंत्री, भारत वर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी,नागपुर) – हम चाहते हैं कि क्षेत्र में कोई परिवर्तन न हो । सरकार को लग रहा है कि हजारों की तादाद में जैन धार्मिक तीर्थाटन के लिए यहां आते हैं, इसीलिए इसे पर्यटन क्षेत्र बना दिया जाए । जबकि ऐसा है नहीं । जैन समाज व्यवस्थाओं के लिहाज से हर रूप में सक्षम है ।

हमें तो शांति और अपने तीर्थंकरों की तपोभूमि को इसी प्राकृतिक स्वरूप में रखना है । बस इसीलिए भौतिक विकास नहीं किया । हम यहां आध्यामिकता खोजते है । हमें वही करने दिया जाए ।

श्रीफल जैन न्यूज़ संवाददाता – क्या आपको लगता है फैसला वापस होगा ?
संतोष जैन (महामंत्री, भारत वर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी,नागपुर) – फैसला तो बदलना होगा और बदलेगा भी । हम सरकारों को ज्यादा समय देने को तैयार नहीं । अहिंसक आंदोलन तो शुरु हो चुका है । हालांकि संसद में भी हमारी बात उठ रही है । इसीलिए सरकार नहीं करेगी..जैसी बातें करना अभी जल्दबाजी है ।

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