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श्रीमहावीरजी में रखी जाएगी नवीन जिन मन्दिर की आधारशिला: आचार्य वसुनन्दी महाराज का रहेगा सान्निध्य


जैन समाज की आस्था का केंद्र अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीर जी में 15 अप्रैल को नवीन जिनालय का शिलान्यास होने जा रहा है। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…


श्रीमहावीरजी। जैन समाज की आस्था का केंद्र अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीर जी में 15 अप्रैल को नवीन जिनालय का शिलान्यास होने जा रहा है। अखिल भारतवर्षीय श्री दिगम्बर जैसवाल जैन धर्मशाला श्रीमहावीर जी के प्रांगण में परम पूज्य अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी दिगम्बराचार्य वसुनन्दी महाराज एवं 14 मुनिराजों के पावन सान्निध्य में शनिवार 15 अप्रैल को नवीन जिन मन्दिर की आधारशिला रखी जा रही है।

जैसवाल जैन धर्मशाला के महामंत्री सुवोध जैन (हिंडौनसिटी) ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के शुभारम्भ में मनोरमा मुकेश जैन गुजरात, अंजली जिनेश जैन अम्बाह, रैना भूपेंद्र जैन दिल्ली, चंद्रा रूपेश जैन दिल्ली, मंजू धनेंद्र जैन दिल्ली ध्वजारोहण करेंगे । नवीन जिन मन्दिर के मुख्य शिलान्यासकर्ता कैलाशचंद सुनील मनीषा जैन (मोना जनरेटर) निर्माण विहार दिल्ली होंगे। अन्य सभी सधर्मी बन्धु रत्नशिला, स्वर्ण शिला, रजत शिला, ताम्र शिला एवं सामान्य शिला स्थापित कर अपनी सहभागिता प्रदान करेंगे।

श्रीमहावीरजी में प्राचीन जैसवाल जैन धर्मशाला के जीर्णोद्वार कार्यक्रम का भी शुभारंभ होगा। नवीन जिनालय के शिलान्यास से पूर्व 48 मंडलीय भक्तामर विधान का आयोजन भी सम्पन्न होगा । समस्त मांगलिक कार्यक्रमों को प्रतिष्ठाचार्य मनोज शास्त्री, सह प्रतिष्ठाचार्य मुकेश जैन मधुर, पंडित महावीर प्रसाद जैन एवं पंडित रमेशचन्द जैन दिल्ली सम्पन्न कराएंगे। मंच संचालन चक्रेश जैन ललितपुर एवं पारस अम्बर जैन दिल्ली करेंगे। परम पूज्य गुरुदेव आचार्य वसुनन्दी महाराज ससंघ 14 पिच्छिकाओं के सहित अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीर जी में 14 अप्रैल को सुबह मंगल प्रवेश करेंगे।

इस अवसर पर दिल्ली, मुरैना, अम्बाह, मनियां, धौलपुर, आगरा, राजाखेड़ा, ग्वालियर, मुरार, लश्कर, शमशाबाद, शिवपुरी, डबरा, अजमेर, उज्जैन, भोपाल सहित सम्पूर्ण भारतवर्ष से हजारों की संख्या में पूज्य गुरुदेव के भक्तगण उपस्थित रहेंगे। जैसवाल जैन धर्मशाला के अध्यक्ष सुनील जैन मोना जनरेटर दिल्ली ने सभी साधर्मी गुरुभक्तों को 14 एवं 15 अप्रैल को श्री महावीर जी पहुचने की अपील की है । पधारे हुए सभी आगन्तुक सधर्मी बन्धुओं के आवास एवं भोजनादि की समुचित व्यवस्था की गई है ।

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