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भरत कुसुम मोदी आहार कक्ष यात्री निवास का हुआ शिलान्यास: आर्यिका विदूषी श्री ससंघ का मिला सानिध्य 


आर्यिका विदुषी श्री माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में मांगलिक मंत्रोच्चार और क्रियाओं के बीच भूमि पूजन एवं शिलान्यास हुआ। दानवीर सेठ भरत कुसुम मोदी द्वारा पंडित मौसम शास्त्री के मुखारबिंद से यह कार्य संपन्न किया। धामनोद से दीपक प्रधान की यह खबर…


धामनोद। विश्व के प्रसिद्ध दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र बावनगजा जी जो कई साधु संतों की तपस्थली है और कई मुनियों की और सिद्धों की मोक्ष स्थली है। जहां से इंद्रजीत कुंभकर्ण और कई करोड़ों मुनियों ने तपस्या कर के मोक्ष को प्राप्त किया। ऐसी तप स्थली पर गुरुवार को गणचार्य विराग सागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका विदुषी श्री माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में मांगलिक मंत्रोच्चार और क्रियाओं के बीच भूमि पूजन एवं शिलान्यास हुआ। कई संस्थाओं के संरक्षक देव शास्त्र गुरु भक्त तीर्थ रक्षा, संरक्षण, संवर्धन के लिए हमेशा तत्पर दानवीर सेठ भरत कुसुम मोदी द्वारा पंडित मौसम शास्त्री के मुखारबिंद से यह कार्य संपन्न किया। अतिथियों का सम्मान कार्यक्रम ट्रस्ट कमेटी द्वारा किया गया। जिसमें आर्यिका संघ को मंचासीन किया गया तथा हरसुख दिगंबर जैन छात्रावास के बच्चों द्वारा संगीतमय मंगलाचरण किया गया। अतिथि भरत कुसुम मोदी एवं अन्य अतिथियों द्वारा भगवान आदिनाथ, आचार्य विराग सागर जी के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्वलन किया गया। मास्टर मोक्ष द्वारा ये कार्य मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न करवाया। अतिथियों का सम्मान माला पचरंग के अंग वस्त्र तिलक लगाकर ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद दोशी और ट्रस्ट सदस्यों ने किया। विनोद दोशी ने बताया कि 2008 में जो मेला संपन्न हुआ तब भी मूर्ति का जीर्णाेद्धार भरत कुसुम मोदी द्वारा ही करवाया गया था।

इन्होंने किया कार्यक्रम में सहयोग 

इस अवसर पर इंदौर से संजय पाटोदी, अशोक पाटोदी, अशोक चौधरी, राहुल सेठी भी साथ पधारे। सभा का संचालन एवं अतिथि परिचय विपुल गंगवाल ने दिया और स्वागत भाषण ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद दोशी ने प्रस्तुत किया और मोदी द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए कृतज्ञता ज्ञापित की गई। नरेश पहाड़िया सुसारी द्वारा अतिथि सम्मान में कविता पढ़ी गई। इस अवसर पर मोदी के साथ पधारे संजय पाटोदी और अशोक पाटोदी इंदौर द्वारा भरत कुसुम द्वारा तीर्थ रक्षा, तीर्थ उद्धार, जिन शासन की रक्षा के लिए दिए गए योगदान को रेखांकित किया गया और उनकी सहृदयता सरलता, प्रेम, वात्सल्य और सहयोग के बारे में उपस्थित समुदाय को अवगत करवाया गया।

मोदी ने दिया सहयोग का आश्वासन 

इस अवसर पर भरत कुसुम मोदी ने अति संक्षिप्त में आहार कक्ष और यात्री निवास के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की। साथ ही विश्व की अद्वितीय सबसे प्राचीन 84 फिट उत्तुंग भगवान आदिनाथ की प्रतिमा के जीर्णाेद्धार के लिए भी स्वीकृति प्रदान की और ट्रस्ट कमेटी को निर्देशित किया कि ये काम शीघ्र करवाओ ताकि शीघ्रता से पंच कल्याणक एवं महा मस्तकाभिषेक हो सके। मोदी को सभी ट्रस्टियों ने अभिनंदन पत्र प्रदान किया। जिसका वाचन ट्रस्टी निलेश रावका ने किया।

  आर्यिका विदुषी श्री माताजी ने की अनुमोदना 

इस अवसर के लिए आज प्रातः आर्यिका विदुषी श्री माताजी का संघ सहित मंगल प्रवेश हुआ और अपने उद्बोधन में पूरी ट्रस्ट कमेटी को आशीर्वाद दिया। साथ ही भरत कुसुम मोदी के इस पुनीत कार्य की खूब अनुमोदना सराहना कर खूब आशीर्वाद दिया। साथ ही आगे भी इसी तरह देव, शास्त्र,गुरु के लिए सहयोग के लिए कहा गया। साथ ही वी माताजी ने हिदायत भी दी कि किसी भी तीर्थ को पंथ वाद और संत वाद में मत बांटना और आप यह पुण्य कार्य यह दान और उत्कृष्ट कार्य पिछले पुण्य से कर रहे हो। अतः इस जीवन में ये पुण्य कार्य करोगे तो अगले भव में सुखों को प्राप्त करोगे।

धर्म की प्रभावना कर खूब सेवा करें

माताजी ने चिड़िया के आग बुझाने वाला दृष्टांत देते हुए बताया। चिड़िया ने बोला कि जब भी इतिहास लिखा जाएगा मेरा नाम आग बुझाने वालों में लिखा जाएगा। अतः आप अच्छे कार्य करने वालो में अपना नाम दर्ज करवाए और संत वाद पंथ वाद से खुद भी दूर रहें और तीर्थ क्षेत्र को भी दूर रखें।,तीर्थ कमेटी दान लेते वक्त पंथ नहीं पूछते और साधु संत आते हैं तब पंथ और संत वाद करते हो। हमंे समाज को जोड़ना हैं। आप खूब क्षेत्र पर विकास कार्य करे और धर्म की प्रभावना कर खूब सेवा करें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर ट्रस्ट कमेटी के जितेंद्र गोधा, मनोज गोधा, अंजड़, नरेंद्र भाई धामनोद ,संजय भाई, धामनोद, चक्रेश पहाड़िया, जिनेंद्र दोषी बड़वानी समाज अध्यक्ष, अशोक दोशी बड़वानी, निमाड़ मालवा के श्रावक श्राविकाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। आभार ट्रस्टी धर्मेंद्र जैन अंजड़ ने माना। यह जानकारी मीडिया प्रभारी मनीष जैन ने प्रदान की।

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