समाचार

दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन मनाया उत्तम त्याग धर्म : सौभाग्यशाली भक्तों ने की प्रभु पारसनाथ की शांतिधारा


संयम और आत्म शुद्धि के पर्व दशलक्षण महापर्व देशभर के सभी जिनालियों में बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आगरा के पश्चिमपुरी स्थित श्री 1008 चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में महापर्व का आठवां दिन उत्तम त्याग धर्म रुप में मनाया गया। महापर्व के आठवें दिन सर्वप्रथम भक्तों ने स्वर्ण कलशों से मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा एवं श्रीजी की सभा प्रतिमाओं का अभिषेक एवं वृहत शांतिधारा की। पढ़िए यह रिपोर्ट…


आगरा। संयम और आत्म शुद्धि के पर्व दशलक्षण महापर्व देशभर के सभी जिनालियों में बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आगरा के पश्चिमपुरी स्थित श्री 1008 चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में महापर्व का आठवां दिन उत्तम त्याग धर्म रुप में मनाया गया। महापर्व के आठवें दिन सर्वप्रथम भक्तों ने स्वर्ण कलशों से मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा एवं श्रीजी की सभा प्रतिमाओं का अभिषेक एवं वृहत शांतिधारा की।

प्रभु के अभिषेक के बाद पंडित रितेश जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में भक्तों ने अष्ट द्रव्यों के साथ संगीतमय उत्तम त्याग धर्म का पूजन किया। पर्व पर दस दिनों तक चलने वाले पूजा अर्चना के लिए भक्तों की मंदिंरों में भरी भीड़ देखी जाती है। वहीं श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी में पधारे राज्यसभा सांसद नवीन जैन एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रेनू जैन जी का श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन ट्रस्ट एवं समिति के सदस्यों ने मुकुट और माला पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने मंदिर जी में पूजा अर्चना कर प्रभु की आराधना की।

उत्तम त्याग धर्म के अवसर पर भगवान पार्श्वनाथ भगवान का प्रथम व द्वितीय अभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले अनुभव जैन एवं अजय जैन का मंदिर समिति ने स्वागत किया। सांय 7:00 बजे भक्तों ने प्रभु की मंगल आरती की, साथ ही रात्रि 8:00 बजे से पश्चिमपुरी महिला मंडलों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर राजेश जैन अध्यक्ष,मंत्री राहुल जैन,संजय जैन,अनुराग जैन, पंकज जैन,अमित जैन,अमर जैन, विपिन जैन,विशाल जैन,रवि जैन, पंकज जैन जीएसटी, शैलेन्द्र जैन, चक्रेश जैन आदि उपस्थित रहे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

You cannot copy content of this page