जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्मोत्सव पर 2 दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत प्रातः 8 बजे बड़े मंदिर से अहिंसा वाहन रैली का आयोजन किया गया, जो नगर के पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर से निकल कर नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः बड़े मंदिर में समाप्त हुई। पढ़िए सन्मति जैन काका की रिपोर्ट…
सनावद। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2622वां जन्मोत्सव चैत्र सुदी की तेरस यानी 3 अप्रैल, सोमवार को मनाया जायेगा। इस अवसर पर रविवार, 2 अप्रैल को 2 दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत प्रातः 8 बजे बड़े मंदिर से अहिंसा वाहन रैली का आयोजन किया गया, जो नगर के पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर से निकल कर नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः बड़े मंदिर में समाप्त हुई। इसके बाद सिंधु बाई चांदमल जी कोचर परिवार के द्वारा बड़े मंदिर जी में ध्वाजारोहण किया गया। संगीता पाटोदी, उषा लाठियां के द्वारा ध्वज गीत प्रस्तुत किया गया। दोपहर में आचार्य श्री 108 वर्धमान सागरजी महाराज के परम शिष्य मुनि श्री हितेंद्र सागर जी महाराज के द्वारा रचित भगवान महावीर मंडल विधान बड़े मंदिर में महिला मंडल के नेतृत्व में सम्पन्न किया गया। जिसमे 36 अर्घ्य समर्पित किये गये।
हुआ भक्तामर का पाठ
रात्रि में नव निर्मित जैन परिसर में सर्वप्रथम भगवान महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष भागचन्द जैन, मुकेश जैन, विनोद जैन बागोद वाले, चांदमल जी कोचर, सुनील जैन डीपीएस, मंजुला भुच के द्वारा दीप प्रजलन किया गया। तत्पश्चात भक्तामर जी का पाठ किया गया। इसके साथ ही बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी गयी।
महावीर स्वामी रथ में विराजमान होकर नगर भ्रमण
प्रशांत जैन ने बताया कि तीन अप्रेल, सोमवार को सुबह 7 बजे बड़ा जैन मंदिर से परम्परागत रथ यात्रा निकाली जायेगी, जिसमें प्रमुख आकर्षण घोड़े, बग्घियां बाजे और चलित झाकियां रहेंगी, जो प्रमुख मार्गों से होकर बड़ा जैन मंदिर जी में कलशाभिषेक के साथ समाप्त होंगी। इसके बाद सकल जैन समाज का स्वामी वात्सल्य आयोजित किया जाएगा। रात्रि में बालक वर्धमान की शोभा यात्रा व बालक वर्धमान को पालना झुलाने का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक के प्रमुख संयोजक मनोज जैन, प्रदीप पंचोलिया, पवन धनोते, मुकेश जैन, आशीष झांझरी ने सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की है।













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