समाचार

अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में होगा आयोजन : विश्व में पहली बार होगा 48 दिन तक अखंड श्री गणधर वलय महामंत्र का पाठ 


श्री 1008 मुनिसुव्रत दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट स्मृति नगर इंदौर की ओर से आचार्य श्री अभिनंदन सागर महाराज के शिष्य अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज और क्षुल्लक अनुश्रमण सागर महाराज के सानिध्य में 48 दिन तक ऐतिहासिक अखंड श्री गणधर वलय महामंत्र का पाठ आगामी 22 जुलाई से स्मृति नगर स्थित श्री 1008 मुनिसुव्रत दिगम्बर जैन में आयोजित किया जाएगा। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से एवं आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज की प्रेरणा से श्री 1008 मुनिसुव्रत दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट, स्मृति नगर इंदौर की ओर से आचार्य श्री अभिनंदन सागर महाराज के शिष्य अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में 48 दिन तक ऐतिहासिक अखंड श्री गणधर वलय महामंत्र का पाठ आगामी 22 जुलाई से स्मृति नगर स्थित श्री 1008 मुनिसुव्रत दिगम्बर जैन में आयोजित किया जाएगा। पूज्य वर्षायोग 2023 के तहत होने वाला यह कार्यक्रम ब्रह्मचारी तरुण जैन के निर्देशन में होगा।

घटयात्रा से होगी शुरुआत

पूज्य वर्षायोग समिति के अध्यक्ष भरत जैन और महामंत्री कमल कुमारा रांवका ने बताया कि आगामी 22 जुलाई को पाठ प्रारंभ होने से पहले भव्य घटयात्रा निकली जाएगी और ध्वजारोहण से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके बाद 23 जुलाई को सुबह 6 बजे से अखंड श्री गणधर वलय महामंत्र का पाठ प्रारंभ होगा। पाठ का समापन 10 सितंबर को रथ यात्रा के साथ होगा। इस दौरान 48 दिन तक लगातार प्रतिदिन सुबह श्री गणधर वलय विधान, अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के प्रवचन, शाम को आरती, भक्ति और प्रवचन सहित कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे। अनुष्ठान में श्रावक-श्राविका अपने परिवार के साथ बैठकर लाभ ले सकते हैं।

ये होते हैं लाभ

श्री गणधर वलय महामंत्र का पाठ करने से नवग्रह की पीड़ा, काल सर्प दोष, शारीरिक-मानसिक और आर्थिक दुखों से शांति मिलती है। इस मंत्र से आत्मिक शक्ति बढ़ती है और शारीरिक परेशानी से आराम मिलता है। प्राचीन ग्रंथों में भी लिखा है कि इस मंत्र की आराधना से ऋद्धियों की प्राप्ति होती है। श्री गणधर वलय महामंत्र मूल मंत्र है। इस मंत्र में ऋद्धि धारी मुनियों, अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु परमेष्ठि का स्मरण कर उन्हें नमस्कार किया गया है।

इतनी रहेगी सहयोग राशि

जो श्रावक-श्राविका एक दिन के लिए श्री गणधर वलय महामंत्र का पाठ करना चाहते हैं, वे 11,000 रुपए की सहयोग राशि प्रदान कर यह सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं। पाठ में भाग लेने वाले लाभार्थियों के रहने-खाने की व्यवस्था कमेटी की ओर से की जाएगी। वहीं एक दिन की शांतिधारा करने का सौभाग्य 3100 रुपए में प्राप्त किया जा सकता है। शांतिधारा से परिवार में सुख-समृद्धि और शांति आती है। जो भक्त किसी कारणवश स्वयं उपस्थित नहीं पाएंगे, वे अपने नाम से यह लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
5
+1
1
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page