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पर्यूषण पर्व पर परेड़ जैन मंदिर में बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और धार्मिक उत्सव : उत्तम सत्य धर्म पूजन और प्रवचन से परेड़ मंदिर परिसर गूंजा भक्ति भाव से


अंबाह के परेड़ जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के अवसर पर बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने धार्मिक और ऐतिहासिक पात्रों का रूप धारण कर समाज में आस्था और संस्कृति का संदेश दिया। इस अवसर पर उत्तम सत्य धर्म की पूजा, प्रवचन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। पढ़िए अजय जैन की खास रिपोर्ट…


अंबाह। पर्यूषण पर्व के तहत श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर परेड़ में रात्रि को फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छोटे बच्चों ने धार्मिक और ऐतिहासिक पात्रों का रूप धारण कर मंच पर अपनी प्रस्तुति दी। किसी ने चंदनबाला बनकर आस्था जगाई, तो किसी ने त्रिशला माता, मैना सुंदरी और सेना का जवान बनकर धर्म, संस्कृति और देशभक्ति का संदेश दिया।

प्रतियोगिता में बच्चों ने केवल परिधान नहीं, बल्कि पात्रों के भाव और संदेशों को भी जीवंत किया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने तालियों से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। ओपी जैन, कपिल जैन और केपी जैन ने बताया कि पर्यूषण पर्व के दौरान नियमित प्रवचन, पूजन और धार्मिक क्रियाओं के साथ समाज को एकजुट करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

बच्चों को पुरस्कार वितरित 

रात्रि 8:30 बजे बच्चों ने सांवलिया पार्श्वनाथ, सती सीता, चंदनबाला, त्रिशला माता, सिद्धार्थ राजा, मैना सुंदरी, बाल साध्वी और अन्य पात्रों का रूप धारण कर प्रस्तुति दी। निर्णायकों ने उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना की और ओपी जैन, प्रीति जैन, मनीष जैन, नीरू जैन ने बच्चों को पुरस्कार वितरित किए। दिन में श्री 1008 श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन प्राचीन मंदिर में उत्तम सत्य धर्म की पूजा संपन्न हुई। पंडित आयुष जैन शास्त्री ने प्रवचन देते हुए कहा कि सत्य धर्म से ही व्यक्ति का जीवन श्रेष्ठ बनता है और झूठ से आत्मा कलुषित होती है। मंदिर परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा।

धर्म व संस्कृति का संदेश दिया

नन्हें-मुन्नों की प्रस्तुतियों ने समाज को आनंदित किया और धर्म व संस्कृति का संदेश दिया। आज मंगलवार को पर्यूषण पर्व की श्रृंखला में सुगंध दशमी मनाई जाएगी। श्रद्धालु हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह आदि पांच पापों का त्याग करेंगे और व्रत पालन के साथ मंदिरों में पूजा, स्वाध्याय और धर्मचिंतन करेंगे। अंबाह के परेड़ जैन मंदिर में इस अवसर पर विशेष पूजा, प्रवचन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे।

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