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सभी धर्मध्यान करें धर्म श्रद्धालु बनकर जीवन जिएं :  3 जनवरी को मुनि श्री प्रमाणसागर जी के सानिध्य में होंगे कार्यक्रम 


सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में विविध धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त भाग ले रहे हैं। कुंडलपुर से पढ़िए, यह खबर…


कुंडलपुर (दमोह)। सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में विविध धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त भाग ले रहे हैं। कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी प्रचार मंत्री जयकुमार जैन जलज ने बताया कि इस अवसर पर प्रातः भक्तामर महामंडल विधान, पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, रिद्धिमंत्र, शांतिधारा, पूजन, विधान हुआ। मुनि श्री प्रमाण सागर जी के मुखारविंद से शांतिधारा का वाचन किया गया। इस अवसर पर शांतिधारा करने का सौभाग्य तरुण सराफ, निर्मल कुमार, चंद्रकुमार सराफ, ललित सराफ, कुंवरसेन सराफ, मोदी ज्वैलर्स दमोह, चक्रेश पीयूष जैन फिरोजाबाद, अक्षत अर्चना ताराचंद पदमश्री बेनाडा परिवार कोलकाता, मानकचंद, कपूरचंद कोठारी आष्टा, अनिल महावीरप्रसाद जैन मुंबई, श्रीधर श्रीपाल सचिन जैन बेलगांव कर्नाटक, रितेश जैन ललितपुर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अभिषेक कर जीवन को धन्य किया। शुक्रवार को मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज की आहारचर्या कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष चंद्रकुमार सराफ परिवार के चौके में हुई।

हर बुराई में अच्छाई देखो

बहुचर्चित शंका समाधान कार्यक्रम में मुनिश्री ने श्रद्धालु भक्तों की शंका का समाधान करते हुए कहा कि दुख सहने की आदत अपने भीतर जगाओ। जिसे सुख में जीने की आदत है वह दुख आने पर घबरा जाता है। बुराई में अच्छाई देखो आपदा में अवसर देखने की कोशिश करो। हर बुराई में अच्छाई देखो। मनुष्य के जीवन में बुरा से बुरा क्या हो सकता है। उस उम्मीद और संकल्प को खो देना ही सबसे बुरा है। अपनी उम्मीद को मत खोओ। मन में आशा का दीप जला के रखो। एक जिज्ञासु की शंका का समाधान करते हुए कहा कि धुआं उड़ाना बंद करो तय करो हम धुआं नहीं उड़ाएंगे। हम धुआं को फूंक नहीं मारेंगे। सुगंध फैलाने संकल्पित हो। सभी धर्मध्यान करें धर्म श्रद्धालु बनकर जीवन जिएं गंदगी नहीं फैलाना है। जिन शासन की धर्म ध्वजा को फहराएं।

दान घटिया चीज का नहीं होता

कन्यादान क्या होता है? इस प्रश्न पर मुनि श्री ने कहा कि पुराने जमाने में वर पक्ष वधु पक्ष से संपर्क करता था विवाह हेतु। हमारा वंश कैसे बढ़ेगा। अनुरोध लेकर जाता था वधु पक्ष के पास। वधु पक्ष अपने जिगर का टुकड़ा दे रहा यह कन्यादान दे रहा है, धन पैसा का दान नहीं वंश दिया इसको कन्यादान कहते। दान घटिया चीज का नहीं होता, घटिया लोग दान नहीं कर पाते। जिनकी सोच सर्वोच्च होती वे दान कर पाते हैं। हर गांव, शहर नए शहर की ओर बढ़ रहा है भगवान को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। कार्य योजना बनाकर उन सारे मंदिरों की व्यवस्था होना चाहिए ।देश की तीर्थ क्षेत्र कमेटियों को उन्होंने धर्म प्रभावना और प्रबंधन फंड बनाकर यात्रियों को सुविधा देने हेतु खर्च की व्यवस्था करने संकेत सुझाव दिया।

 मुनि श्री के मुखारविंद से शांतिधारा

3 जनवरी को प्रातः कुंडलपुर में पूज्य बड़े बाबा के श्री चरणों में पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के मुखारविंद से लगभग 1 घंटा चलने वाली महाशांति धारा सहस्त्र नामांकित बीजाक्षर मंत्रों के साथ की जाएगी। शंका समाधान का भी कार्यक्रम होगा। नववर्ष मनाने अभी भी देश के कोने-कोने से श्रद्धालु भक्त कुण्डलपुर पहुंच रहे हैं और पूज्य बड़े बाबा के दर्शन, अभिषेक,परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी ससंघ मुनिराजों के दर्शन लाभ सानिध्य प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के पदाधिकारी सदस्यों की उपस्थिति रही।

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