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शांति मंत्र का हर शब्द और अर्थ मनुष्य जीवन में महा कल्याणकारी: वैवाहिक वर्षगांठ पर किया भक्तामर स्तोत्र का सामूहिक वाचन


समाजसेवी ओपी जैन और कुलदीप जैन ने वैवाहिक वर्षगांठ पर धार्मिक आयोजन, भगवान आदिनाथ की सामूहिक आराधना की। भक्तामर स्तोत्र पाठ का सामूहिक वाचन किया गया। समाजजनों ने पाठ के दौरान भक्तामर पाठ की महिमा का बखान कर इसे मानव जीवन के लिए कल्याणकारी बताया। अंबाह से अजय जैन की पढ़िए यह खबर…


अंबाह। नगर के दिगंबर जैन परेड मंदिर में सोशल ग्रुप के महामंत्री कुलदीप जैन और पूर्व अध्यक्ष ओपी जैन ने अपनी वैवाहिक वर्षगांठ पर धार्मिक आयोजन के तहत श्री भक्तामर स्तोत्र पाठ का सामूहिक वाचन कर भगवान पार्श्वनाथ की महाआरती की। इस अवसर पर ग्रुप के संरक्षक संतोष जैन रिठौना ने बताया कि जब भी किसी मानव का मन भटकता है तो ऐसी स्थिति में जीवन को संतुलित बनाने भक्तामर स्तोत्र का पाठ करना ही एक मात्र उपाय है। उन्होंने कहा कि संतों, देश, समाज और परिवार के ऊपर कोई भी संकट आता है तो ऐसी स्थिति में शांत स्वभाव से भक्तामर विधान का मन ही मन स्मरण करना असीम शांति प्रदान करता है।

जीवन की जटिलताओं को सहज बनाता है भक्तामर स्तोत्र
संतोष जैन रिठौना ने बताया कि श्रद्धा भाव से किया गया भक्तामर स्तोत्र सुख शांति प्रदान करता है। जीवन की जटिलताओं को सहज बनाता है। जीव को पापों से मुक्त कराकर पुण्य मार्ग की ओर अग्रसर करता है। यदि किसी के जीवन में कोई संकट है तो भक्तामर स्तोत्र का जाप आपके जीवन में चमत्कार दे सकता है। उन्होंने सभी से जीवन में नेक कार्य करने और पुण्य मार्ग पर चलने का आह्वान किया। अध्यक्ष अमित टकसारी ने कहा कि इस शांति मंत्र का एक-एक शब्द और अर्थ मनुष्य के जीवन के लिए महा कल्याणकारी है। सभी प्रकार के रोग और दुःखों का निवारण करने वाला यह शांति मंत्र हैं। उन्होंने कहा कि भक्तामर महिमा के पाठ में शामिल होने वाले सभी लोगों के लिए स्वस्थ और निरोगी जीवन की हम कामना करते हैं। वही कार्यक्रम में भक्तिमय भजनों का गायन भी किया गया।

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