विजयनगर स्थित पंचबाल्यती जैन मंदिर पूर्वाेत्तरक्षेत्र में 13 जुलाई रविवार सुबह 8 बजे से आचार्य विनम्र सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा और भक्ति के साथ रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। विजयनगर स्थित पंचबाल्यती जैन मंदिर पूर्वाेत्तरक्षेत्र में 13 जुलाई रविवार सुबह 8 बजे से आचार्य विनम्र सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा और भक्ति के साथ रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई। संयोजक राहुल जैन केसरी ने बताया इसे ब्रह्मचारी सुरेश मलैया और जिनेश मलैया के निर्देशन में सम्पन्न कराया गया। इस अवसर का सौभाग्य संदीप जैन मोहरासरिया और नवीन आनंद गोधा परिवार को मिला। मंडप उद्घाटन का सौभाग्य अनिल मोदी परिवार को प्राप्त हुआ। मुख्य मंचीय कार्यक्रम में महालक्ष्मीनगर की जैन बालिकाओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। संचालन नीता कासलीवाल ने किया। इसके बाद गुरुदेव के चित्र का अनावरण और दीप प्रज्वलन हुआ। इस अवसर पर गजेंद्र गिन्नी, हर्ष जैन, अशोक रानी डोसी, नवीन गोधा, राजकुमार पाटोदी, दिलीप पाटनी, धर्मेंद्र जैन, ब्रह्मचारी सुरेश मलैया, डीके जैन और उपस्थित रहे। गुरुदेव के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य आकाश, दीपिका और कोल परिवार को मिला। शास्त्र भंेट का पुण्य गिरीश जैन और गिन्नी परिवार को प्राप्त हुआ। मुनिश्री ने 13 चातुर्मास कलशों की स्थापना की।
कलश स्थापना का सौभाग्य इन समाजजनों ने लिया
प्रथम कलश समाजगौरव गजेंद्र मायाजी और गिरीश गौतम गिन्नी परिवार को मिला। द्वितीय कलश हर्ष-तृप्ति परिवार को। गुरुदेव ने बताया कि यह कलश 48 दिनों तक भक्तामर विधान का केंद्र रहेगा। तृतीय कलश भरत मोदी परिवार को, चतुर्थ कलश अशोक रानी दोषी परिवार को, पंचम कलश धर्मेन्द्र (सिमकैन परिवार) को, षष्ठ कलश आजाद जैन (बीड़ी वाले परिवार) को, सप्तम कलश मनीष-सपना गोधा परिवार को, अष्टम कलश मनोज बकलीवाल परिवार को, नवम कलश एस.के. चित्रा परिवार को, दशम कलश मुकेश विजय पाटोदी परिवार को, एकादश कलश भरत जैन (आईरिस परिवार) को, द्वादश कलश सचिन जैन (उद्योगपति परिवार) को और त्रयोदश कलश नवीन-अभिलाषा परिवार को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर एक कलश तीर्थरक्षा हेतु शिखरजी कलश भी स्थापित किया जिसे घाटे परिवार की विटिया को प्राप्त हुआ।
शुद्ध उच्चारण में भक्तामर स्तोत्र का अध्ययन करें: आचार्य श्री
प्रवचन में आचार्यश्री ने कहा कि इंदौर समाज अनुकरणीय है। युवाओं, युवतियों, श्रावकों और महिलाओं को शुद्ध उच्चारण में भक्तामर स्तोत्र का अध्ययन करना चाहिए। भगवान के समक्ष सही उच्चारण में पाठ करने से विद्या, सिद्धि और आत्मबल की प्राप्ति होती है। समारोह में हसमुख जैन गांधी,राजीव निराला, विनोद जैन, आर.के. जैन,दिनेश जैन, अजय कासलीवाल, अनिल जैन, एसडीओ देवेंद्र सेठी, सीमा जैन रवि जैन, सहित पूर्वाेत्तर क्षेत्र के सभी जिनालयों के अध्यक्ष सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संचालन डीके जैन और प्रदीप शास्त्री ने किया। संयोजन का दायित्व एवीएन अनुराग जैन ने निभाया।













Add Comment