बैंगलोर के अर्हम जैन ने को आठ वर्ष का होने पर विशेष संस्कार और प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य मिला । जैन धर्म के अनुसार कोई भी जैन बालक जब आठ वर्ष का जो जाता है तो वो भगवान का अभिषेक ओर जैन संत को आहार दे सकता है । पढ़िए नवीन जैन की रिपोर्ट ।
बैंगलोर । श्री दिगम्बर जैन मंदिर,बेगुर में अशोक-मंजू अजमेरा के पौत्र, जैन पुनीत-निधि अजमेरा कोडरमा निवासी बैंगलोर प्रवासी के पुत्र के आठ वर्ष का होने पर प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जैन धर्म के अनुसार कोई भी जैन बालक आठ वर्ष का जो जाता है तो वो भगवान का अभिषेक ओर जैन संत को आहार दे सकता है। आठ वर्ष का संस्कार बेगुर जैन मंदिर के पंडित प्रतीक जैन ने कराया। इस अवसर पर बेगुर समाज के पदाधिकारी गण और सौरभ प्रियन्का सिंघई आदि मौजूद थे।
इस विशेष अवसर पर जयपुर से सुमित-नेहा अजमेरा,गोहाटी से मनोज-आशा गंगवाल,कोलकोत्ता से विभोर-रुचिका सेठी,बाराबंकी से धीरज-सिंपी सेठी,कोडरमा से बिनोद,सुनील,मुकेश,राज कुमार अजमेरा,सिधौली से सुरेश-सरिता काला,कोडरमा मीडिया प्रभारी नविन जैन,राज कुमार अजमेरा,वार्ड पार्षद पिंकी जैन,जैन समाज के उप मंत्री जैन नरेंद्र झांझरी आदि ने बधाई दी













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