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पांचवीं स्नातकोत्तर उपाधि पर हुआ प्राप्त : डॉ. सोनल कुमार जैन को जैनागम एवं प्राकृत साहित्य में स्वर्ण पदक


मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय,उदयपुर के 33वें दीक्षांत समारोह में जैन दर्शन एवं प्राकृत साहित्य विषय में एम.ए. परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्रीपरिषद् के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री एवं युवा मनीषी डॉ. सोनल कुमार जैन को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। पढ़िए मनीष विद्यार्थी सागर की विशेष रिपोर्ट…


सागर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय,उदयपुर के 33वें दीक्षांत समारोह में जैन दर्शन एवं प्राकृत साहित्य विषय में एम.ए. परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्रीपरिषद् के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री एवं युवा मनीषी डॉ. सोनल कुमार जैन को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से 202 महाविद्यालय संबद्ध हैं। इस दीक्षांत समारोह में कुल 254 शोधोपाधियां तथा 109 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा तथा राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। स्वर्ण पदक का वितरण इन विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया। दीक्षांत समारोह का मुख्य दीक्षांत भाषण पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने दिया।

डॉ. सोनल कुमार जैन को यह स्वर्ण पदक उनकी पांचवीं स्नातकोत्तर उपाधि पर प्राप्त हुआ है। यह अब तक उन्हें मिलने वाला सातवां स्वर्ण पदक है। उनकी इस उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धि पर अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्रिपरिषद् सहित देशभर के विद्वानों, शिक्षाविदों, मनीषी विद्यार्थियों, सागर परिजनों एवं समाजजनों ने उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

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