मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी, मुनि श्री धर्म सागर जी, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित हो रहे पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव के अन्तर्गत 10 मार्च को गर्भ कल्याणक उत्तर की मंगल क्रियाएं संपन्न हुईं। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी, मुनि श्री धर्म सागर जी, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित हो रहे पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव के अन्तर्गत 10 मार्च को गर्भ कल्याणक उत्तर की मंगल क्रियाएं संपन्न हुईं। मंदिर में विराजमान प्रतिमा की अनेक प्रकार से शुद्धि की गई। इस कार्यक्रम में प्रतिदिन प्रातः 9 बजे और दोपहर में 3 बजे मुनि श्री के हो रहे हैं। 11 मार्च को प्रभु का जन्मोत्सव संपन्न होगा, इसके अंतर्गत गरीबों को भोजन, फल, औषधि, वस्त्र वितरित किए जाएंगे। गौशालाओं को दान दिया जाएगा, जिससे गायों की रक्षा हो सके।
ज्ञात हो कि परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से पूरे भारत में 140 गौशालाएं में संचालित हैं। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। 12 मार्च को प्रातः 7:00 बजे, इंदौर के इतिहास में प्रथम बार पूरे भारत से आए 8 वर्ष से अधिक के अविवाहित बच्चों को मूल संस्कार विधि महोत्सव के अंतर्गत संस्कार दिए जाएंगे। बच्चे सफेद धोती पहनकर और घर से ही मुंडन करा कर आएंगे। इस कार्यक्रम में पूरे देश से श्रद्धालु आ रहे हैं।

गर्भ से आते हैं अच्छे संस्कार
इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए पूज्य मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने कहा कि गर्भ कल्याणक की क्रियाएं महत्वपूर्ण होती हैं। गर्भ से ही बच्चों में अच्छे संस्कार आते हैं। अभिमन्यु ने गर्भ में ही विद्या सीखी थी। गौशालाओं को दान देना दुनिया में सर्वश्रेष्ठ कार्य है। जो गायों की रक्षा करता है, वह अकाल मरण से बचता है। अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह, पुण्य स्मृति दिवस पर गौ ग्रास के माध्यम से गौशालाओं से जुड़ना चाहिए।













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