अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय में चातुर्मास का विशेष महत्व है। राजस्थान सरकार ने अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय के प्रति अपने संकल्प पत्र में जैन श्रमणों (साधु-साध्वियों) के लिए चातुर्मास के समय श्रमणों के पैदल विहार के दौरान सुरक्षा एवं चातुर्मास के समय, ठहरने,प्रवचन व्यवस्था करने के प्रावधान किए है। जयपुर से पढ़िए, यह खबर…
जयपुर। अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय में चातुर्मास का विशेष महत्व है। राजस्थान सरकार ने अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय के प्रति अपने संकल्प पत्र में जैन श्रमणों (साधु-साध्वियों) के लिए चातुर्मास के समय श्रमणों के पैदल विहार के दौरान सुरक्षा एवं चातुर्मास के समय, ठहरने,प्रवचन व्यवस्था करने के प्रावधान किए है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अभिषेक सिद्ध ने जैन समुदाय के समाज श्रेष्ठियों,युवा संगठनों और संघों से अनुरोध किया है कि वे जयपुर जिले के विभिन्न उपखंडों, तहसीलों, शहरों, कस्बों एवं गांवों में होने वाले जैन श्रमणों के चातुर्मास की सूचना (श्रमणों की संख्या, चातुर्मास स्थल का पता, मुख्य कार्यक्रमों की सूची, संपर्क सूत्र) यथा समय प्रशासन एवं अल्पसंख्यक विभाग को अवश्य प्रदान करे। जिससे आवश्यक व्यवस्थाएं की जा सके।













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