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नवागढ़ में बह रही है भक्ति की बयार : 16 दिवसीय अरिष्ट निवारक शांतिनाथ विधान का दिव्य आयोजन जारी


प्राचीन तीर्थक्षेत्र नवागढ़ की पुण्यभूमि पर इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और साधना का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां चल रहे 16 दिवसीय अरिष्ट निवारक शांतिनाथ विधान का आयोजन ब्र. जयकुमार निशांत भैया जी के निर्देशन में श्रद्धा और अनुशासन के साथ किया जा रहा है। यह विशेष विधान 28 मई से 12 जून 2025 तक संपन्न होगा। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


नवागढ़ ( ललितपुर)। प्राचीन तीर्थक्षेत्र नवागढ़ की पुण्यभूमि पर इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और साधना का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां चल रहे 16 दिवसीय अरिष्ट निवारक शांतिनाथ विधान का आयोजन ब्र. जयकुमार निशांत भैया जी के निर्देशन में श्रद्धा और अनुशासन के साथ किया जा रहा है। यह विशेष विधान 28 मई से 12 जून 2025 तक संपन्न होगा।

प्रतिदिन उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

आयोजन समिति के प्रचारमंत्री डॉ. सुनील संचय ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा, अर्घ्य, स्तवन और आराधना में भाग ले रहे हैं। महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठजनों की सहभागिता से वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया है।

कलश यात्रा से हुआ शुभारंभ, मंत्रोच्चारण से गूंजा परिसर

इस पावन विधान का शुभारंभ मंगलाचरण, कलश यात्रा और शांतिधारा के साथ हुआ, जिसमें महिला मंडल, युवावर्ग और समाज के विभिन्न वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिदिन प्रातःकालीन पूजन विधि का संचालन विधानाचार्य ब्र. पारस भैया एवं ब्र. संतोष भैया के निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया जा रहा है। साथ ही प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति करा रहे हैं।

विधान का उद्देश्य: शांति, संयम और समृद्धि की स्थापना

निर्देशक ब्र. जयकुमार निशांत ने बताया कि इस विधान के माध्यम से भगवान शांतिनाथ की आराधना कर जीवन में शांति, समृद्धि और संयम के सिद्धांतों की स्थापना का प्रयास किया जा रहा है। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केन्द्र बन गया है और जनमानस में नवचेतना का संचार कर रहा है।

आतिथ्य और आभार

आगंतुक अतिथियों का स्वागत तीर्थक्षेत्र समिति के अध्यक्ष एडवोकेट सनत जैन, महामंत्री वीरचन्द्र जैन, इंजीनियर शिखरचंद्र जैन, आनंदी लाल लुहर्रा, अशोक मैनवार आदि द्वारा किया गया। समापन पर महामंत्री वीरचन्द्र जैन नेकौरा ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

गुरुवरों का मिला मंगल आशीर्वाद

इस आयोजन के लिए परम पूज्य आचार्य श्री समयसागर जी महाराज, आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज, गणिनी आर्यिकारत्न स्वस्तिभूषण माताजी और गणिनी आर्यिका आर्षमती माताजी का मंगल आशीर्वाद प्राप्त हुआ है, जो आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक बल प्रदान कर रहा है।

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