सारांश
विश्व शांति तथा कोरोना निवारण के लिए महिला मंडल की सदस्यों ने णमोकार मंत्र का पाठ किया। इस अवसर पर भक्तामर का वाचन भी किया गया। पढ़िए गौरव पाटोदी की रिपोर्ट…
हैदराबाद। महिला मंडल, हैदराबाद ने विश्व शांति तथा कोरोना निवारण के लिए णमोकार मंत्र का पाठ किया। अखिल भारतीय दिगम्बर जैन गुल्लिका अज्जि श्राविका संघ की कार्यकारणी सदस्य मीरा पाटोदी के अनुसार दोपहर में कार्यक्रम की शुरुआत में सोनल चितौड़ा, संतोष बड़जात्या, निर्मला गंगवाल, मीरा पाटोदी दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण किया। किरण काला, शर्मिला पाण्डया, राजकुमारी मेहता, निर्मला पाटनी, कुसुम काला, रीना पहाडे, सोनल चितौड़ा, निशा झांझरी, निर्मला गंगवाल, संतोष बड़जात्या, निक्की जैन, किरण चाडुवाड, दीपाली बड़जात्या, लक्ष्मी जैन , मीरा पाटोदी तथा अन्य महिलाओं ने मिलकर णमोकार मंत्र का 108 बार जाप किया।
गणिनीप्रमुख आर्यिका शिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी कहती हैं कि प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रूप में अपने इष्ट देव का स्मरण करता है तथा सभी ने आराध्य देव को माना है। सभी धर्म के लोग स्वयं पर कोई महाशक्ति ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार करते हैं। जैन धर्म का मूल मंत्र णमोकार मंत्र है। पांचों पदों में पंच परमेष्ठी को नमस्कार किया गया है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष का नाम न लेकर गुणों को ही नमन किया गया है। यह मंत्र अनादिनिधन, अपराजित, शाश्वत मंत्र, सब पापों का नाश करने वाला तथा स्वर्ग मोक्ष जाने में सहायक है।
जो व्यक्ति हर वक्त चलते-फिरते, सोते-जागते, हंसते- बैठते, मार्ग में कोई कार्य करते हुए, पग-पग पर णमोकार मंत्र का स्मरण करते हैं, उनकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। इस मंत्र के जाप से भयानक रोग, अग्नि, जंगली जानवर, शत्रु बंधन तथा चोर, राक्षस आदि का भय दूर हो जाता है। कार्यक्रम में महिलाओं ने भक्तामर का वाचन किया और भजन गाकर धर्म लाभ लिया। कार्यक्रम के पश्चात सभी के लिए मीरा पाटोदी ने अल्पाहार की व्यवस्था की।













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