पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर में उच्चारणाचार्य विनम्रसागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीवन की हर विपदा कष्ट को दूर करने का सही माध्यम प्रभु भक्ति है। जितने प्रभु की भक्ति में लीन रहोगे तो आनंद की प्राप्ति होगी और जीवन सुधरेगा। प्रभु अनंतगुणों के धारी हैं, जिनकी भक्ति में जीवन के सभी रोग – महारोग दूर होते हैं। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट…
ललितपुर। पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर में उच्चारणाचार्य विनम्रसागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीवन की हर विपदा कष्ट को दूर करने का सही माध्यम प्रभु भक्ति है। जितने प्रभु की भक्ति में लीन रहोगे तो आनंद की प्राप्ति होगी और जीवन सुधरेगा। प्रभु अनंतगुणों के धारी हैं, जिनकी भक्ति में जीवन के सभी रोग -महारोग दूर होते हैं। कर्मरूपी महाशत्रुओं को भस्म करने में प्रभु की भक्ति ही एक मात्र सहारा है।

बताई भक्तामर की महिमा
आचार्य श्री ने भक्तामर की महिमा बताते हुए कहा कि यदि आप उदास हैं, आपके पास कोई नहीं है तो प्रभु ही एकमात्र सहारा हैं। प्रभु का गुणगान कीजिए, आपको खुशी मिलेगी और दूख दूर होंगे। आचार्य श्री ने भक्तामर स्त्रोत की महिमा बताते हुए उपस्थित श्रावकों को भक्तामर स्त्रोत के सही उच्चारण हेतु सीख दी। सोमवार प्रातःकाल बुद्धि, सिद्धि, समृद्धि प्रदायक सर्वविघ्न विनाशक महामृत्युंजयी भक्तामर शिविर में आचार्यश्री विनम्र सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में भगवान के अभिषेक, शान्तिधारा विधान पुण्यार्जक परिवार प्रेमचंद अमिताभ जैनिथ ने कर आचार्य श्री का पादप्रक्षालन किया। संगीतमय पूजन में उपस्थित श्रावकों ने भक्तिपूर्वक अर्घ्य समर्पित किए। प्रारम्भ में गणाचार्य विरागसागर महाराज के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन व्यापार मण्डल के प्रान्तीय चेयरमैन महेन्द्र जैन मयूर, महेश सतभैया, अनिल जैन टोडे परिवार ने किया। मंगलाचरण भावना जैन गौना ने भक्ति पूर्वक किया। सायंकाल भक्तामर शिविर की महाआरती विधान पुण्यार्जक परिवार द्वारा प्रभुचरणों में 48 दीपों द्वारा सर्वसिद्धि मंत्रों के साथ की गई। इस मौके पर जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया, मंदिर प्रबंधक कपूरचंद लागौन धार्मिक संयोजक मनोज जैन बबीना, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, संजीव जैन ममता स्पोर्ट,डॉ. अजय जैन गौना, प्रेमचंद विरधा, श्रेयांस जैन, आनंद जैन साइकिल, विजय जैन लागौन, महेन्द्र जैन पंचमनगर, नरेश मुक्ता अंकुर जैन शानू, प्रदीप जैन आदिनाथ, अनंत सर्राफ आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
बाहुबलिनगर जैन मंदिर में भी हो रही धर्म प्रभावना
नगर के बाहुबलिनगर जैन मंदिर में मुनि श्री विदम्बर सागर महाराज एवं मुनि श्री प्रवर सागर महाराज के चातुर्मास में अपूर्व धर्मप्रभावना हो रही है। शान्तिधारा के उपरान्त धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री ने जीवन में कर्मों की प्रधानता बताते हुए शुभ और अशुभ कर्मो की गति को समझाया और कहा कि कर्मों के माध्यम से ही व्यक्ति अपने जीवन को सुधार सकता है। सायंकाल मंगलयात्रा में श्रावक अपनी जिज्ञासाओं को मुनि श्री के सम्मुख रखकर अपनी शंकाओं का निदान पा रहे हैं। चातुर्मास की व्यवस्थाओं में मंदिर प्रबंधक प्रकाश चंद सौरया निर्मल जैन खिरिया के अतिरिक्त अमित जैन बंधा, संजीव जैन सौरया, सुनील रसिया, आनंद जैन खिरिया, सागर जैन कुम्हैण्डी, स्वरूप चंद जैन, अखिलेश जैन का योगदान मिल रहा है।













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