जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक दिवस श्रावण शुक्ल सप्तमी को मोक्ष सप्तमी के रूप में मनाया गया। गणिनी आर्यिका विदुषी माताजी ससंघ के सानिध्य में जैन समाज ने विधि विधान से पूजन-अर्चन कर भगवान को नैवेद्य रूप में निर्वाण लाडू चढ़ाया। विश्व कल्याण व सुख शांति के लिए प्रार्थना की गई। मनावर से पढ़िए, यह खबर…
मनावर। जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक दिवस श्रावण शुक्ल सप्तमी को मोक्ष सप्तमी के रूप में मनाया गया। गणिनी आर्यिका विदुषी माताजी ससंघ के सानिध्य में जैन समाज ने विधि विधान से पूजन-अर्चन कर भगवान को नैवेद्य रूप में निर्वाण लाडू चढ़ाया। विश्व कल्याण व सुख शांति के लिए प्रार्थना की गई। नगर के जूनी मनावर स्थित अजितनाथ जिनालय, पार्श्वनाथ जिनालय एवं महावीर जिनालय में जैन श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम भगवान को पांडुक शिला पर विराजमान कर अभिषेक एवं शांतिधारा कर भगवान की विधि विधान पूर्वक अष्ट द्रव्य से पूजा-अर्चना की। सावन शुक्ल सप्तमी के दिन भगवान पार्श्वनाथ को सम्मेद शिखर जी से मोक्ष प्राप्त होने के चलते भगवान के मोक्ष कल्याणक, देव शास्त्र गुरु, 24 तीर्थंकर, निर्वाण क्षेत्र आदि का पूजन कर निर्वाण कांड का पाठ किया गया। निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। गणिनी आर्यिका विदुषी श्री माताजी ने कहा कि जिस प्रकार यह लाडू रस भरी बूंदी से निर्मित किया जाता है। उसी प्रकार अंतरंग से आत्मा की प्रीति रस से भरी हो जाए तो परमात्मा बनने में देर नहीं लगेगी तथा भगवान पार्श्वनाथ के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उनके पूर्व जन्मों की जानकारी दी।
लाड़ू सजाओ प्रतियोगिता में समाज की महिलाएं पुरस्कृत
इस अवसर पर लाड़ू सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें समाज की महिलाओं द्वारा आकर्षक लाड़ू सजाए गए एवं माताजी द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। लाड़ू सजाओ प्रतियोगिता में प्रथम दीपिका सोगानी, द्वितीय मंजू पहाड़िया एवं तृतीय पुरस्कार प्रियल सोगानी को प्रदान किया गया। इस अवसर पर समाज अध्यक्ष आरसी जैन, चातुर्मास समिति अध्यक्ष अभय सोगानी, घीसालाल सोगानी, विपिन गंगवाल, अरविंद सोगानी, प्रदीप वेद सहित समाज के सभी महिला पुरुषों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेकर पुण्यार्जन किया।













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