गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ अयोध्या (उ.प्र.) में विराजमान हैं। सुरभि दीदी ने कहा कि गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के 92वें जन्म दिवस एवं 74 वें संयम दिवस शरद पूर्णिमा के अवसर पर शाश्वत तीर्थ अयोध्या में 108 दिवसीय रत्नत्रय महोत्सव का आयोजन किया है। अयोध्या से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर…
अयोध्या। गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ अयोध्या (उ.प्र.) में विराजमान हैं। सुरभि दीदी ने कहा कि गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के 92वें जन्म दिवस एवं 74 वें संयम दिवस शरद पूर्णिमा के अवसर पर शाश्वत तीर्थ अयोध्या में 108 दिवसीय रत्नत्रय महोत्सव का आयोजन किया है। आज 33 वां दिवस है। घर-घर हो रत्नत्रय महोत्सव। ज्ञानमती मां का जन्मोत्सव।। शाश्वत तीर्थ अयोध्या में 108 दिवसीय ’रत्नत्रय महोत्सव’ का शुभारंभ श्रावण कृष्ण एकम 11 जुलाई से प्रारंभ हो चुका है। इसके तहत मंगलवार को दिल्ली की राशि जैन और पारुल जैन ने अयोध्या में दीप प्रज्वलन किया। दिल्ली के भक्त परिवार ने अपने घर में माताजी का रत्नत्रय महोत्सव मनाया। मंगलवार को इनके घर में रत्नत्रय महोत्सव संपन्न हुआ।
अनिल-अनिता जैन, निकुंज-अनामिका, दिव्यांश, मानव-अंतिमा जैन, आगम, सिद्धांत, अतिशय-सुरभि जैन, देशना जैन (संघपति परिवार) प्रीत विहार दिल्ली। रवि-भारती जैन, अभिषेक-सोनल जैन, शांति विहार दिल्ली। राकेश-अल्पना जैन, लोटस कॉपी वाले, प्रीत विहार दिल्ली। अपने घरों में ज्ञानमती माताजी की तस्वीर रखकर उसके सामने सजावट करके भक्तों ने अष्टद्रव्य से आचार्य शांतिसागर जी महाराज और ज्ञानमती माताजी का पूजन किया और सभी भक्तों ने मिलकर भक्ति भाव से आरती की।
गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी और प्रज्ञा श्रमणी चंदनामती माताजी ने सभी भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। उसके पश्चात आर्यिका श्री चंदनामती माताजी के मुखारविंद से ’तीर्थंकर देशना’ सत्र के तहत गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की लेखनी से प्रस्तुत ’कल्याण कल्पतरु स्तोत्र’ जैसी विलक्षण रचना का अध्ययन भी कराया गया।













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