मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में पृथ्वीपुर (मप्र) में 22 अप्रैल से श्री पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन होना है, जिस कारण मुनिपुंगवश्री सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज ने पदविहार महरौनी से पृथ्वीपुर की ओर किया। उन्होंने इस क्षेत्र के विकास को दी है नई दिशा। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट..
महरौनी ( ललितपुर)। नगर में स्थित 47 एकड़ पर विस्तारित क्षेत्रपाल जी की जमीन पर पहले भक्तों का आवागमन कम रहता था। आषाढ़ी पूजा का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता था, जिसमें वर्ष में आषाढ़ में शोभायात्रा के रूप में जैन श्रद्धालु जाकर पूजन-अभिषेक करते थे। इस क्षेत्र पर बहुत वर्ष पहले मुनिश्री सुधासागर महाराज का आगमन हुआ और उन्होंने इस मंदिर के मुख्य द्वार की दिशा बदलने का कहा। इसे समाज अमल में लाया और मंदिर का द्वार महाराज जी के दिशा-निर्देश अनुसार बदल दिया। फिर क्षेत्र ने विकास की सीढी चढ़ना शुरू कर दिया।
भव्य निर्माण की रखी नींव
वर्ष 2013 में मुनिपुंगव सुधासागर महाराज का नगर आगमन हुआ और 5 फरवरी 2013 को भगवान पार्श्वनाथ भगवान सहित भगवान आदिनाथ, भगवान शांतिनाथ एवं भगवान पदमप्रभु, भगवान महावीर, भगवान मुनिसुब्रतनाथ की प्रतिमाएं पंचकल्याणक महोत्सव कर विराजमान की गईं। महाराज श्री के दिशा-निर्देश में इस तीर्थ को भव्य स्वरूप देने की रूपरेखा तैयार की गयी, जिसमें पाषाण का भव्य मंदिर, जिसमें 21 फीट की भगवान आदिनाथ की प्रतिमा और पाषाण की सबसे बड़ी चौबीसी मंदिर है, के निर्माण की नींव रखी गयी।
हुआ था भव्य पंचकल्याणक
मुनिश्री सुधासागर महाराज का पुनः मंगल आगमन यशोदय तीर्थ पर 18 मार्च, 2023 को हुआ और मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के मंगल सानिध्य में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान का आयोजन बड़ी भव्यता के साथ किया गया और मुनि श्री के सानिध्य में भव्य पाषाण मंदिर एवं चौबीसी मंदिर,पिच्छिका मंदिर,नाद्यावर्त, नंदीश्वर जिनालय, धर्मशाला, संतशाला आहार शाला, व्यायाम शाला, औषिधालय का शिलान्यास हुआ।
नाम दिया यशोदय तीर्थ
तीर्थ क्षेत्र को मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने यशोदय तीर्थ नाम दिया और कहा कि यह तीर्थ भारत के मुख्य तीर्थों में जाना जायेगा। तीर्थ स्थल पर एक भव्य सिंहद्वार का निर्माण भी होना है, जिसका पुण्यार्जन यशोदय तीर्थ के महामहिम एवं गौरव अध्यक्ष प्रशांत सिंघई बंटी एवं प्रीति सिंघई को प्राप्त हुआ। क्षेत्र के अध्यक्ष राजा चौधरी ने बताया कि यह तीर्थ क्षेत्र 5 से 7 वर्ष में तैयार होकर अपनी भव्यता को प्राप्त करेगा। इसी दौरान मुनिश्री के मंगल सानिध्य में अजितनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर का भी शिलान्यास किया गया, जिसमें मुख्य मंदिर के पुण्यार्जक सहित 14 वेदी के पुण्यार्जक द्वारा मंदिर का शिलान्यास किया गया। बड़ा मंदिर भी अब पाषाण का भव्य बनेगा।
नम आंखों से दी विदाई
मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में पृथ्वीपुर (मप्र) में 22 अप्रैल से श्री पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन होना है, जिस कारण मुनिपुंगवश्री सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज ने पदविहार महरौनी से पृथ्वीपुर की ओर किया। मुनिश्री के पदविहार से नगर में सूनापन से हो गया और भक्तजनों ने नम आंखों से मंगल विदाई दी। मुनिश्री की मंगल विहार में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। आनंदपुर धाम के महात्मा जी ने महाराज श्री के साथ टोल प्लाजा तक पद विहार किया और मुनिश्री को श्रीफल अर्पित कर जगतकल्याण के आशीर्वाद की भावना व्यक्त की।













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