राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग में वर्षो से लंबित जैन सदस्य के मनोनयन और दिल्ली में ‘जैन कल्याण बोर्ड’ के गठन की विश्व जैन संगठन की मांग याचिका को कार्रवाई के लिए दिल्ली सरकार को भेजा है। पढ़िए आकाश जैन की रिपोर्ट…
नई दिल्ली। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग में वर्षो से लंबित जैन सदस्य के मनोनयन और दिल्ली में ‘जैन कल्याण बोर्ड’ के गठन की विश्व जैन संगठन की मांग याचिका को कार्रवाई के लिए दिल्ली सरकार को भेजा है। दिल्ली सरकार की ओर से 13 अक्टूबर 2008 और केंद्र सरकार की ओर से 27 फरवरी 2014 को जैन समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक घोषित किया गया था। लेकिन दिल्ली सरकार की ओर से दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की कार्यकारिणी में जैन प्रतिनिधि का आज तक मनोनयन ही नहीं किया गया।
विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष संजय जैन ने कहा कि अल्पसंख्यक धार्मिक समुदाय के धर्म, भाषा, शिक्षा, सम्पत्ति एवं संस्कृति को अक्षुण्य बनाये रखना प्रतिएक राज्य सरकार का नैतिक दायित्व है और दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग में जैन प्रतिनिधि न बनाए जाना दुखद है। वर्ष 2016 से हम निरंतर दिल्ली सरकार को निवेदन कर रहे है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

संजय जैन ने बताया कि जैन समाज की मांग पर आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से 3 अप्रैल को भगवान महावीर जन्मकल्याणक के अवसर पर जैन कल्याण निगम के गठन के आदेश जारी किए गए। इसी प्रकार दिल्ली सरकार भी अल्पसंख्यक विभाग के अंतर्गत जैन कल्याण बोर्ड का अतिशीघ्र गठन करे।
संजय जैन ने कहा कि 6 अप्रैल को दिल्ली विधान सभा में पूज्य जैन आचार्य श्री सुनील सागर मुनिराज संसघ और परम्पराचार्य श्री प्रज्ञसागर मुनिराज के पावन सानिध्य में आयोजित भगवान महावीर जनकल्याणक के पावन अवसर पर आयोजित महोत्सव में विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल को दिल्ली सरकार के लिए अभ्यावेदन दिया गया था। उन्होंने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

विश्व जैन संगठन की ओर से दिल्ली सरकार को दिए अभ्यावेदन की प्रति राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य धन्यकुमार जिनप्पा गुंडे को सौंपी गई थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया है।













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