बम्हौरी निवासी दिनेशकुमार व साधना जैन की सुपुत्री एवं दीपेश जैन की बहन दीपाली जैन की कलाकृतियां निरंतर ख्याति प्राप्त कर अपने परिवार ही नहीं अपितु समाज ग्राम क्षेत्र को गौरवान्वित कर रही हैं। बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह खबर…
बकस्वाहा। तहसील अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम बम्हौरी निवासी दिनेशकुमार व साधना जैन की सुपुत्री एवं दीपेश जैन की बहन दीपाली जैन की कलाकृतियां निरंतर ख्याति प्राप्त कर अपने परिवार ही नहीं अपितु समाज ग्राम क्षेत्र को गौरवान्वित कर रही हैं। दीपाली जैन के नेतृत्व में एक विशाल कलाकृति को देखकर हर दर्शक वाह-वाह कर उठे। वहीं इस उत्कृष्ट कृति को ट्रांस ओशियाना (यूएसए) द्वारा वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में अधिकारिक मान्यता प्राप्त हुई है। जिन्होंने तीन दिनों तक लगातार कार्य कर 24 अन्य कलाकारों के साथ मिलकर इस अनोखे टाइगर पोर्ट्रेट को आकार दिया है। उनकी इस ऐतिहासिक गौरवशाली उपलब्धि पर सुरेश जैन आईएएस भोपाल, तीर्थक्षेत्र कमेटी मध्यांचल अध्यक्ष डीके जैन, महामंत्री राजकुमार घाटे इंदौर, कुंदकुंद ज्ञानपीठ इंदौर के डॉ.अरविंदकुमार जैन, राजेश जैन रागी बकस्वाहा सहित अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधियों ने शुभकामनाएं दी हैं।
2 लाख से अधिक नर्मदा नदी के कंकड़ों से निर्मित
विश्व बाघ दिवस के उपलक्ष्य में फीनिक्स सिटाडेल मॉल, इंदौर में आयोजित ’इंदौर टाइगर फेस्टिवल’ में कला और प्रकृति संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला। इस आयोजन की सबसे अनोखी और आकर्षक प्रस्तुति रही 2 लाख से अधिक नर्मदा नदी के कंकड़ों से निर्मित 15 गुणा 15 फीट की विशाल टाइगर पोर्ट्रेट, जिसे देखकर हर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गया। यह उत्कृष्ट कृति कला स्तंभ संस्था के निर्देशन में तैयार की गई और इसे ट्रांस ओशियाना (यूएसए) द्वारा वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में आधिकारिक मान्यता प्राप्त हुई – ‘द मोस्ट किएटिव पेबल स्टोन टाइगर आर्टवर्क की श्रेणी में।
इस ऐतिहासिक कला आयोजन के यह साक्षी बने
इंदौर शहर के कई प्रतिष्ठित और गणमान्य अतिथि जिसमें प्रमुखतः प्रवीण खारीवाल अध्यक्ष स्टेट प्रेस क्लब मध्यप्रदेश, श्वेता अग्रवाल, चेयरपर्सन, एफआईसीसीआई एफएलओ इंदौर, उन्नति सिंग डायरेक्टर आईएचबी इंडिया ट्रांस ओशीयाना वर्ल्ड रिकॉर्ड टीम फीनिक्स सिटाडेल मॉल प्रबंधन, कलास्तंभ के निदेशक पुष्कर सोनी, संस्थापक सपना कथफर, वरिष्ठ कलाकार और कला प्रेमी नागरिक शामिल रहे। इस आयोजन ने न केवल इंदौर, बल्कि पूरे भारत के कला प्रेमियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
कीर्तिमान यह भी उल्लेखनीय हैं
स्मरण रहे कि इसके पूर्व में भी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का विश्व का सबसे बड़ा चित्र 4 हजार वर्गफीट के आकार में 5 हजार किलो लकड़ियों से 50 कलाकारों के साथ बनाया गया। जो वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ तथा जींस के कपड़े से 10 हजार वर्गफीट में इंदौर राजवाड़ा की आकृति 100 चित्रकारों के साथ बनाई गई, जो भी वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुई।













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